लार्वा सर्वे करने गई टीम पर छोड़ दिया कुत्ता

Aug 14, 2016

लार्वा सर्वे करने गई टीम पर छोड़ दिया कुत्ता

भोपाल,नवदुनिया न्यूज। डेंगू जैसी जानलेवा बीमारी से बचाव के लिए लार्वा सर्वे करने घर-घर जा रही टीम को धमकियां मिल रही हैं। लोग जागरूक होने की जगह टीम से झगड़ रहे हैं। एमपी नगर जोन एक में एक्सिस बैंक के पास डेंगू का लार्वा मिलने के बाद सर्वे करने गई टीम के पीछे बिल्डिंग के मालिक ने कुत्ता छोड़ दिया। बेसमेंट में लार्वा खोज रही टीम को भागना पड़ा।

यही हाल ई-7, अरेरा कॉलोनी में है। यहां इस साल अब तक डेंगू के छह मरीज मिल चुके हैं, लेकिन रहवासी इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। टीम के सदस्यों ने बताया कि कई लोग गेट ही नहीं खोल रहे हैं। हर चौथे-पांचवें घर में यह दिक्कत आ रही है। कई लोग गेट तो खोल देते हैं, लेकिन सर्वे टीम को आंगन, बाथरूम, छत व गैलरी को छोड़ कहीं जाने नहीं देते। मलेरिया-डेंगू के जानकारों का कहना है कि डेंगू का मच्छर दिन में ड्राइंग रूम, डायनिंग समेत ऐसी जगह छिपा रहता है जहां लोग ज्यादा समय तक रहते हैं, लेकिन बमुश्किल 10 फीसदी लोग ही ड्राइंग रूम में टीम को घुसने दे रहे हैं।

उधर, डेंगू के केस बढ़ने की एक बड़ी वजह यह भी है कि स्वास्थ्य विभाग की टीम दफ्तरों में न लार्वा सर्वे कर रही है, न ही दवाओं का छिड़काव। डेंगू का मच्छर दिन में काटता है। लिहाजा, घरों से ज्यादा जरूरी स्कूलों और दफ्तरों में डेंगू के रोकथाम के उपाय करना है। पिछले साल कलेक्टर निशांत वरवड़े ने एक आदेश जारी कर कहा था कि जिस दफ्तर में डेंगू का लार्वा मिलेगा, उसके प्रमुख को इसके लिए जिम्मेदार माना जाएगा, लेकिन इस पर भी कोई अमल नहीं हुआ। जेपी अस्पताल और काटजू अस्पताल में भी इस साल और पिछले साल डेंगू का लार्वा मिल चुका है। 2014 में डेंगू के 700 मरीजों का उम्र के अनुसार विश्लेषण से पता चला था कि 70 फीसदी मरीज पांच से 50 साल के हैं। यह वर्ग दिन में स्कूल या दफ्तर में रहता है।

स्टूडेंट्स के कमरों में ज्यादा लार्वा, नहीं हो पा रह दवाओं का छिड़काव

ई-7 में डेंगू के ज्यादा मरीज मिलने की बड़ी वजह यह है कि यहां पर छात्र ज्यादा रहते हैं। उन्होंने पानी स्टोर करने के लिए छोटी-छोटी टंकिया रखी हैं। कूलर भी हैं, लेकिन पानी महीनों तक नहीं बदला जा रहा है। दिन में जब स्वास्थ्य विभाग की टीम दवाओं का छिड़काव करने जाती है तो ताला लगा मिलता है।

जुलाई से अब तक कहां-कितने मरीज

ई-7 अरेरा कॉलोनी- 06

खानूगांव- 02

राहुल नगर- 01

पंचशील नगर- 01

भीमनगर- 01

माता मंदिर के पास- 01

अयोध्या बायपास- 01

साउथ टीटी नगर 01

एमपी नगर 01

छोला 01

मैनिट परिसर 01

हर्षवर्धन नगर 01

बागफरहत अफजा 01

शिवाजी नगर 01

हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी 01

यहां मिल रहा लार्वा

– कमल के फूल के टैंक

– चिड़ियों के पानी रखने के बर्तन

– कूलर, पानी के कंटेनर

– गमले, छत पर रखे पुराने बर्तन

टीम ने टंकियां नहीं देखीं

दवाओं का छिड़काव करने के लिए टीम आई थी, लेकिन छतों में रखी टंकियां नहीं देखीं। घरों के पीछे भी काफी मच्छर हैं, पर टीम वहां नहीं गई।

– सरिता तिवारी, बीडीए क्वाटर्स, गीतांजलि कॉलोनी

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