प्रमोशन में आरक्षण के लिए नियम बदलेगी सरकार

Jun 12, 2016

प्रमोशन में आरक्षण के लिए नियम बदलेगी सरकार

भोपाल। प्रमोशन में आरक्षण मामले को लेकर राजधानी में रविवार को आयोजित अजाक्स की महासम्मेलन में पहुंचे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आरक्षण के लिए नियम बदलने कैबिनेट सबकमेटी गठित करने का ऐलान किया। साथ ही कहा कि इस कमेटी के साथ बैठक अजाक्स जैसा चाहे वैसा नियम बनवा सकती है। इस घोषणा के बाद अजाक्स ने टीटीनगर दशहरा मैदान से आंबेडकर चौराहा (बोर्ड ऑफिस) तक प्रस्तावित रैली स्थगित कर दी।

टीटीनगर दशहरा मैदान में अनुसूचित जाति-जनजाति के कर्मचारियों के संगठन अजाक्स की "आरक्षण बचाओ-देश बचाओ" महासम्मेलन में सीएम बिना पूर्व निर्धारित शेड्यूल के दोपहर करीब 12 बजे पहुंचे। हालांकि उन्हें भाजपा की राष्ट्रीय कार्यसमिति में भाग लेने इलाहाबाद जाना था, जहां वे तीन घंटे बाद रवाना हुए। मुख्यमंत्री चौहान ने अजाक्स के मंच पर आते ही जय भीम के नारे लगवाए और कहा कि प्रदेश में जो करना है सरकार और सीएम को करना है। इसलिए सारी शंका-कुशंका निकाल दें। किसी भी हालत में डिमोशन की स्थिति नहीं बनने देंगे। उन्होंने कहा कि हमारे होते हुए आरक्षण खत्म नहीं हो सकता। सरकार पदोन्न्ति में आरक्षण की पक्षधर है और हर हाल में आरक्षण जारी रहेगा। अब वनमंत्री डॉ. गौरीशंकर शेजवार की अध्यक्षता में कैबिनेट की सब कमेटी गठित होगी। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में केस लड़ने के लिए कौन-कौन वकील खड़ा करना है, अजाक्स तय कर ले। सीधी भर्ती के पदों में भी आरक्षण लागू किया जाएगा। साथ ही बैकलॉक के रिक्त पदों को जल्द भरने का भी भरोसा दिलाया। कार्यक्रम में मंत्री डॉ. गौरीशंकर शेजवार, लालसिंह आर्य, विजय शाह और ज्ञान सिंह भी उपस्थित थे।

सीएम ने ये भी घोषणाएं कीं …

– एससी-एसटी के बच्चों को पहली से पीजी तक नि:शुल्क शिक्षा दी जाएगी।

– प्राइवेट मेडिकल, नर्सिंग, इंजीनियरिंग, फार्मा कॉलेजों, आईआईटी, आईआईएम में पढ़ने पर फीस सरकार देगी।

– पहले से सिलेक्टर बच्चों की भी फीस दी जाएगी।

– इन वर्गों के छात्र विदेशों में विश्वविद्यालयों में प्रवेश लेते हैं, तो खर्चा सरकार उठाएगी।

– इन वर्गों के कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों को शिष्यवृत्ति भी दी जाएगी।

– बारहवीं में 75 फीसदी अंक लाने पर लेपटॉप दिया जाएगा।

– इन वर्गों के लिए संविदा सहित सभी पदों पर आरक्षण लागू किया जाएगा।

– इन वर्गों को काबिज भूमि से कोई नहीं हटा सकता है। उन्हें पट्टे दिए जाएंगे।

———————————

बयान मर्यादा के खिलाफ

मुख्यमंत्री की घोषणा मर्यादा के खिलाफ है। मान्य परंपराएं हैं कि जो मामले कोर्ट में विचारध्ाीन होते हैं उन पर कमेंट नहीं करते। सरकार हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट गई है। वहां से यथास्थिति बनाए रखने को कहा गया है। ऐसे में मुख्यमंत्री की घोषणा डेकोरम के खिलाफ है।

-अजय मिश्रा, पूर्व अतिरिक्त महाधिवक्ता, मप्र

सरकार ने ठीक से नहीं रखा पक्ष

पदोन्न्ति के मामले में सरकार ने हाईकोर्ट में ठीक से पक्ष नहीं रखा। इसके कारण हाईकोर्ट ने नियम को रद्द कर दिया। सरकार ईमानदारी से काम करती तो ये नौबत न आती। हम आरक्षण के पक्षधर हैं। दिग्विजय सरकार ने पदोन्न्ति में आरक्षण को लेकर नियम बनाए थे।

-अरुण यादव, अध्यक्ष, प्रदेश कांग्रेस

लाइक करें:-
कमेंट करें :-
 

संबंधित ख़बरें

वायरल वीडियो

और पढ़ें >>

मनोरंजन

और पढ़ें >>
और पढ़ें >>