भोपाल एनकाउंटर में बड़ा सवाल, फैसला उनके हक में था तो जेल ब्रेक करके क्यों भागें?

Nov 01, 2016
भोपाल एनकाउंटर में बड़ा सवाल, फैसला उनके हक में था तो जेल ब्रेक करके क्यों भागें?

भोपाल- जेल से कथित तौर पर फ़रार हुए सिमी के आठ सदस्यों के मारे जाने पर कई सवाल उठाए जा रहे हैं। इन कैदियों के वकील तहव्वुर खान का कहना है कि उनके केस का ट्रायल बस खत्म होने वाला था।। आरोपियों को न्यायपालिका में पूरा भरोसा था, वे हाई सिक्योरिटी जेल ब्रेक करके क्यों भागेंगे जबकि उन्हें भी पता था कि फैसला उनके हक़ में आने वाला है। तहव्वुर खान का कहना है कि उनके केस का फैसला एक दो हफ्ते में आने की उम्मीद थी। 18-20 गवाहों की गवाही होने वाली थी एक कानूनी विशेषज्ञ के तहत मुझे तथ्यों और सबूत के आधार पर मैं कह सकता हूं फैसला उनके पक्ष में आने वाला था। फिर भला वे ऐसा कदम क्यों उठाएंगे। पुलिस के इस दावे कि इन कैदियों ने एक सुरक्षा गार्ड की गला रेत कर हत्या की और चादरों की रस्सी बनाकर जेल से भागे है उस पर इनका कहना है कि 7 लेयर की सुरक्षा में कैदियों को रखा जाता है। पुलिस का यह दावा पूरी तरह गलत है कि वह सिक्यूरिटी गार्ड को मारके जेल तोड़ के भाग गये थे।

साउथलाइव न्यूज वेबसाइट से बात करते हुए उन्होंने कहा भोपाल के केंद्रीय कारागार देश की सबसे सुरक्षित जेलों में से एक है। मैं केस के सिलसिले में अक्सर जेल जाता था। सिक्यूरिटी इतनी टाइट होती है कि किसी भी कैदी का भाग निकलना संभव नहीं है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राजधानी की केंद्रीय जेल से आठ कैदियों के फरार होने की घटना की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी एनआईए से कराने की घोषणा की है।

मारे गये  कैदियों का नाम 
1. खालिद अहमद 2. मुजीब शेख 3. शेख महबूब 4. जाकिर हुसैन सादिक 5. अमजद 6. मोहम्मद सालिक 7. अब्दुल माजिद 8. अकील खिलजी

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