आधुनिक बस स्टॉप बनाने वाली कंपनी पर मेहरबान निगम प्रशासन

Jul 04, 2016

आधुनिक बस स्टॉप बनाने वाली कंपनी पर मेहरबान निगम प्रशासन

भोपाल। नवदुनिया न्यूज

बीआरटीएस कॉरीडोर में बनाए जा रहे 77 आधुनिक बस स्टॉप पर नगर निगम निजी कंपनी को फायदा पहुंचाने में आमादा है क्योंकि बस स्टॉप का एक्सटेंशन के बाद इसका साइज बढ़ाया जा रहा है। जिसका खर्च नगर निगम वहन करेगी। जबकि पीपीपी मोड के तहत काम करने वाली कंपनी से पुरानी शर्तों के अनुसार ही पैसा लगाएगी। इससे जहां निगम को राजस्व का करोड़ों का नुकसान होगा वहीं पीपीपी के तहत बस स्टॉप बनाने वाली कंपनी को विज्ञापन का फायदा मिलेगा। नगर निगम ने यात्रियों की सुविधा के लिए 356 करोड़ रुपए की लागत से बीआरटीएस कॉरीडोर, बस स्टॉप और लो फ्लोर बसों पर खर्च कर बेहतर लोक परिवहन उपलब्ध कराने का सपना दिखाया था। मेट्रो की तर्ज पर बस स्टॉप में ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन से टिकट, सेंसर टिकट की जांच और यहां बैठने की सुविधा रहेगी।

ये भी पढ़ें :-  tetetet

यह उठे सवाल

– एक्सटेंशन के बाद भी जो खर्च होना था, उसमें नगर निगम के साथ आधा पैसा कंपनी को भी लगाना था, लेकिन निगम अतिरिक्त लागत खुद वहन कर रहा है।

– एक्सटेंशन के बाद दोबारा टेंडर नहीं निकालने से बढ़े हुए हिस्से पर मनमाने रेट लगाए गए।

– निगम की मंशा बढ़े हुए हिस्से में लागत ज्यादा दिखाकर कंपनी के लगे पैसे को वापस करने का है। इस तरह कंपनी को भार नहीं पड़ेगा और बढ़े हुए हिस्से में विज्ञापन करके कंपनी कमाई भी ज्यादा होगी।

यह है मामला

सीहोर नाका से मिसरोद तक बीआरटीएस कॉरीडोर में 77 आधुनिक बस स्टॉप बनाया जा रहा है। वर्ष 2012 में जगदीश मोदानी और राजदीप एडवरटाइजिंग को काम सौंपा था। जिसमें पीपीपी मोड के तहत 8 लाख नगर निगम और 8 लाख कंपनी को वहन करना था। इसके एवज में कंपनी 15 साल तक बस स्टॉप पर विज्ञापन की छूट रहेगी। लेकिन एक्टेंशन के बाद बस स्टॉप की साइज 10 फिट बढ़ा दी गई। लेकिन इस पर जो खर्च होंगे, वह अकेले नगर निगम ही करेगा।

ये भी पढ़ें :-  tetetet

2013 में ब्लैक लिस्टेड हुई कंपनी

गौरतलब है कि सितंबर 2013 में बीआरटीएस कॉरीडोर में बसें चालू हुई थी। लेकिन अधूरा बीआरटीएस के कारण मुसाफिर नहीं मिले और बसें नहीं चल पाईं। कंपनी द्वारा बोड ऑफिस के पास बस स्टॉप में टिकट वेंडिंग मशीन भी लगा दी थी। नगर निगम ने टिकट वेंडिंग मशीन का काम ताइवान की कंपनी हरमन इंटरनेशनल को सौंपा था। मशीने भी खरीदी गई लेकिन इंस्टॉल नहीं की गई।

इनका कहना

आधुनिक बस स्टॉप का एक्सटेंशन हुआ है। बढ़े हुए हिस्से पर विज्ञापन के रेट क्या होंगे। इस संबंध में शर्तों पर बदलाव किया जाएगा।

हर्षित तिवारी, एडिशनल सीईओ बीसीएलएल

ये भी पढ़ें :-  tetetet

लाइक करें:-
कमेंट करें :-
 

संबंधित ख़बरें

Jan 19, 2018

वायरल वीडियो

और पढ़ें >>

मनोरंजन

और पढ़ें >>
और पढ़ें >>