गैस राहत विभाग ने कहा- पीजीआई चंडीगढ़ की तर्ज पर हो बीएमएचआरसी का संचालन

Jun 03, 2016

गैस राहत विभाग ने कहा- पीजीआई चंडीगढ़ की तर्ज पर हो बीएमएचआरसी का संचालन

भोपाल (नप्र)। भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल को केन्द्र सरकार से लेने के मामले में एक कदम आगे बढ़ाते हुए राज्य सरकार के गैस राहत विभाग ने चिकित्सा शिक्षा विभाग को पत्र लिखकर कहा है कि बीएमएचआरसी को पीजीआई चंडीगढ़ की तर्ज पर आटोनोमस बनाया जाए। गैस पीड़ितों से जुड़े होने के कारण चिकित्सा शिक्षा विभाग ने बीएमएचआरसी को लेकर गैस राहत विभाग से अपना मत मांगा था।

जानकारी के मुताबिक गैस राहत विभाग की प्रमुख सचिव गौरी सिंह ने चिकित्सा शिक्षा विभाग को एक गाइडलाइन भेजी है, जिसके अनुसार बीएमएचआरसी का प्रबंधन प्राप्त कर उसका संचालन किया जा सकता है। विभाग ने कहा है कि बीएमएचआरसी को चलाने के लिए एक आटोनोमस बॉडी बनाई जाए। इसमें गैस राहत विभाग, चिकित्सा शिक्षा विभाग व केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारी शामिल हों। इसका अध्यक्ष केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री को बनाया जाए, लेकिन संचालन राज्य सरकार अपने अधीन ही रखे।

केन्द्र सरकार ही उठाए संचालन का खर्च

बीएमएचआरसी के कर्मचारियों के लिए भर्ती नियम केन्द्र सरकार के समान ही रखे जाने की बात भी कही गई है। विभाग ने साफ किया है कि संचालन पर आने वाला खर्च केन्द्र सरकार को उठाना चाहिए। गैस राहत विभाग ने साफ किया है कि बीएमएचआरसी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल है। उसे पीजी इंस्टीट्यूट भी बनाया जा रहा है। शिक्षण संस्थान होने के कारण इसे चिकित्सा शिक्षा विभाग के ही अधीन रहना चाहिए।

चिकित्सा शिक्षा विभाग कर रहा प्रस्ताव तैयार

चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव अप्रैल में केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के एडीशनल सेक्रेटरी व संयुक्त सचिव से मिले थे। दोनों अधिकारियों ने प्रमुख सचिव से कहा था कि बीएमएचआरसी को राज्य सरकार को सौंपने में कोई सैद्घांतिक समस्या नहीं है, लेकिन इसके लिए विस्तृत प्रस्ताव बनाकर दिया जाए। इसमें बजट, कर्मचारियों व अन्य सुविधाएं जुटाने की जानकारी दी जाए। इसके बाद से ही चिकित्सा शिक्षा विभाग प्रस्ताव बनाने में जुटा हुआ है। चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव प्रभांशु कमल ने बताया कि हम प्रयास कर रहे हैं कि बीएमएचआरसी के संचालन के लिए केंद्र सरकार से ही बजट प्राप्त हो। डिटेल प्रपोजल जल्द ही केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को सौंपा जाएगा। प्रस्ताव गैस राहत विभाग की मदद से तैयार किया जा रहा है।

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