कलियासोत के गेट खुले तो बह जाएंगी नदी किनारे बनी झुग्गियां

Jul 14, 2016

कलियासोत के गेट खुले तो बह जाएंगी नदी किनारे बनी झुग्गियां

भोपाल। नवदुनिया न्यूज

भारी बारिश के चलते मंगलवार को भदभदा के तीन गेट खोल दिए गए। इससे कलियासोत डेम में जल स्तर छह मीटर बढ़ गया। यहां का जल स्तर 502.1 मीटर हो गया है। अब करीब तीन मीटर और जल स्तर बढ़ने यानि 505.67 मीटर होने पर कलियासोत डेम के गेट खोलने पड़ेंगे। इसका पानी कलियासोत नदी में आएगा, जिससे नदी किनारे सर्वधर्म बी सेक्टर से लगे दामखेड़ा में बनी झुग्गियां बहने का खतरा मंडरा रहा है। झुग्गियों में रहने वाले लोग के बेघर होने की नौबत आ सकती है। साल 2013 में यहां कलियासोत डेम के गेट खोले गए थे, जिसमें 45 झुग्गियां बह गई थीं। जान-माल का नुकसान हुआ था। साल 2006 में भी दामखेड़ा ए और बी सेक्टर में बाढ़ आई थी, जिससे भी कई लोग बेघर हुए थे। इसके बाद भी प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया, जिससे लगातार अतिक्रमण होता रहा।

जिम्मेदारों को नहीं है फिक्र

नगर निगम ने जलभराव की स्थिति से निपटने सोमवार को कोलार सर्वधर्म में अतिक्रमण विरोधी मुहिम चलाई थी। इस दौरान नाले-नालियों से अवैध कब्जे हटाए गए। दामखेड़ा ए और बी सेक्टर में नदी किनारे मुहिम चलाने में खानापूर्ति की गई। ऐसे में कलियासोत डेम के गेट खुलने पर नदी में जल स्तर बढ़ने से झुग्गियां बह सकती हैं।

अभी यह है स्थिति

2013 और 2006 में दामखेड़ा से निकलने वाली कलियासोत नदी किनारे जो झुग्गियां हटाई थीं, उससे दोगुनी बन गई हैं। पांच दर्जन से ज्यादा टीन शेड के घर हैं, जो नदी व नाले से सटकर बनाए गए हैं। जल स्तर बढ़ता है तो ये झुग्गियां डूब जाती हैं।

2013 में चली गई थी एक की जान

कलियासोत डेम के 2013 में 13 गेट खोले गए थे। इससे अख्तर नाम का व्यक्ति नदी में बह गया था। जिसका शव दानिशकुंज पुल के नीचे झाड़ियों में मिला था। कलियासोत डेम के गेट खुलते हैं तो पानी कलियासोत नदी में आता है। यहां से बेतवा नदी में जाता है।

तीन मीटर पानी बढ़ा तो खुलेंगे गेट

बारिश और भदभदा डेम के गेट खुलने से कलियासोत डेम का जल स्तर बढ़ गया है। तीन मीटर और पानी बढ़ने पर कलियासोत डेम के गेट खोले जाएंगे।

आशुतोषा यादव, प्रभारी कलियासोत डेम, जल संसाधन विभाग

कर रहे हैं अनाउंस

भदभदा के बाद कलियासोत डेम के गेट खोले जाते हैं। इससे कोलार दामखेड़ा ए और बी सेक्टर, कलियासोत नदी के निचले हिस्से में बनी झुग्गियां को खतरा रहता है। अभी ननि फायर अमला एनाउंस कर लोगों को नदी के आसपास न रहने की चेतावनी दे रहा है।

पकंज खरे, प्रभारी कोलार फायर प्रभारी ननि

सख्ती से हटाया जा रहा है अतिक्रमण

नाले-नालियों पर हुए अवैध कब्जे हटाए जा रहे हैं। अतिक्रमणकारियों को बख्शा नहीं जा रहा है। कलियासोत नदी किनारे हुए अतिक्रमण को भी हटाया जाएगा, जिससे डेम के गेट खुलने पर कोई हादसा न हो।

आलोक शर्मा, महापौर

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