हमीदिया अस्पताल की मर्चुरी में 5 दिन पहले रखी गई लाश गायब

Aug 04, 2016

हमीदिया अस्पताल की मर्चुरी में 5 दिन पहले रखी गई लाश गायब

भोपाल। नवदुनिया न्यूज

हमीदिया अस्पताल की मुर्चरी से शवों की अदला-बदली होने की बात तो सामने आती रहती है, लेकिन अब लाश भी गायब होने लगी है। ऐसे ही एक मामले में पांच दिन पहले एमपी नगर में चोरी करने के दौरान करंट से मरने वाले युवक की लाश लापता होने का मामला सामने है। उसे एमपी नगर पुलिस ने अज्ञात के रूप में रखवाया था। पुलिस के साथ बुधवार को परिजन उसका शव लेने पहुंचे थे। एमपी नगर पुलिस ने लाश गायब होने की लिखित शिकायत कोहेफिजा पुलिस से की है।

एएसआई एमपी नगर देवेंद्र सिंह नवरिया के अनुसार 28 जुलाई की रात एमपी नगर में एक दुकान में चोरी के दौरान करंट लगने से एक चोर की मौत हो गई थी। पुलिस ने अगले दिन दुकान मालिक की सूचना पर शव बरामद कर उसे हमीदिया अस्पताल की मर्चुरी में रखवा दिया था। एएसआई सिंह के अनुसार पुलिस ने मृतक की शिनाख्ती के लिए आसपास के इलाकों में पूछताछ की। इस दौरान सामने आया कि राजीव नगर निवासी इमरान खान (18) पिता राशिद खान कुछ दिन से लापता है। मंगलवार देर शाम राशिद ने फोटो से मृतक की शिनाख्त इमरान के रूप में की। चार भाई बहनों में मृतक दूसरे नंबर का था। बुधवार दोपहर एएसआई मृतक के परिजनों के साथ शव लेने मर्चुरी पहुंचे। डॉक्टरों ने बताया कि उन्होंने परिजनों को शव सौंप दिया है। एएसआई ने कहा कि परिजन तो मेरे साथ हैं। आप ने किसे शव दे दिया? लेकिन डॉक्टर अपनी बात पर अड़े रहे। इसके बाद एएसआई सिंह ने परिजनों को डॉक्टरों के सामने पेश कर दिया। लाश नहीं मिलने पर मृतक के पिता ने डॉक्टरों पर शव किसी और को बेचने के आरोप लगाए हैं।

शव किसी और को देने का सवाल ही नहीं उठता

पोस्टमार्टम के बाद डॉक्टर पुलिस की मौजूदगी में शव परिजनों को सौंपती है। इसके लिए परिजनों और पुलिस के साइन लिए जाते हैं। लाश परिजनों को सौंपते समय उसका चेहरा खोलकर परिजनों को दिखाया जाता है। ऐसे में लाश किसी और को देने का सवाल ही नहीं उठता।

पुलिस की जानकारी के बिना लाश कैसे दी?

एएसआई के अनुसार डॉक्टरों का कहना है कि उन्होंने परिजनों को शव सौंपा है। सवाल यह उठता है कि अज्ञात शव पुलिस ने ही मर्चुरी में रखवाया था। ऐसे में अगर किसी को शव दिया गया तो फिर पुलिस को इसकी सूचना क्यों नहीं दी गई।

पुलिस वाले को दी है लाश

शव गायब नहीं हुआ है। इसे प्रेम सिंह नामक पुलिसकर्मी को सौंपा गया था। परिजनों को शव क्यों नहीं मिला, यह नहीं बता सकता।

डॉ. अशोक शर्मा, डायरेक्टर,मेडिको लीगल इंस्टीट्यूट

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