‘भारत बंद’ आज, 15 करोड़ श्रमिकों के हड़ताल पर रहने का दावा

Sep 02, 2016
‘भारत बंद’ आज, 15 करोड़ श्रमिकों के हड़ताल पर रहने का दावा

देश के प्रमुख केंद्रीय श्रमिक संगठनों ने आज राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया हुआ है। केंद्रीय संगठनों का दावा है कि इस हड़ताल में देश भर के करीब 15 करोड़ श्रमिक शामिल होंगे। लिहाज़ा इस बार की देशव्यापी हड़ताल पिछले साल के मुकाबले ज़्यादा बड़ी होगी। संगठनों का कहना है कि सरकार ने उनकी 12 सूत्री मांगों पर ध्यान नहीं दिया है और सरकार एकतरफा तरीके से श्रम सुधार लागू कर रही है।

इस हड़ताल के तहत बैकिंग, टेलीकॉम और कई अन्‍य क्षेत्रों के कर्मचारी पूरे दिन हड़ताल पर रहेंगे। यह कर्मचारी बेहतर वेतन के साथ सरकार की नई श्रमिक और निवेश नीतियों के विरोध में यह कदम उठा रहे हैं। बैंक, सरकारी ऑफिस और फैक्ट्रियां बंद रहेंगी। कुछ राज्‍यों में स्‍थानीय संगठनों ने भी हड़ताल में भागीदारी का फैसला किया है। इसके कारण सार्वजनिक परिवहन व्‍यवस्‍था पर भी असर पड़ सकता है। इनके साथ-साथ रेडियोलॉजिस्‍टों और सरकारी अस्‍पतालों की नर्सों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की है।

आल इंडिया ट्रेड यूनियंस कांग्रेस और सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस जैसे संगठनों ने हड़ताल नहीं करने की सरकार की अपील को ठुकरा दिया था। इन संगठनों का कहना है कि सरकार उनकी मांगों को पूरा करने में नाकाम रही है। इन संगठनों की आपत्ति बीमा और रक्षा जैसे क्षेत्रों में विदेशी निवेश के नियमों के शिथिल करने को लेकर है। घाटे में चल रहे सार्वजनिक उपक्रमों को बंद करने की योजना का भी श्रमिक संगठन विरोध कर रहे हैं।

ट्रेड यूनियनों की हड़ताल को खत्‍म करने के प्रयासों के तहत वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मंगलवार को कहा था कि सरकार अपने कर्मचारियों का पिछले दो साल का बोनस जारी करेगी। इसके साथ अकुशल श्रमिकों के न्‍यूनतम वेतन में इजाफे की बात भी कही गई है।

बैंकिंग सेवाएं होंगी प्रभावित

ऑल इंडिया बैंक इंप्लायज एसोसिएशन (एआईबीईए), बैंक इंप्लायज फेडरेशन ऑफ इंडिया (बीईएफआई), ऑल इंडिया बैंक आफिसर्स एसोसिएशन (एआईबीओए), ऑल इंडिया बैंक आफिसर्स कान्फेडरेशन (एआईबीओसी) तथा इंडियन नेशनल बैंक ऑफिसर्स कांग्रेस (आईएनबीओसी) जैसे संगठनों ने नोटिस दिये हैं। भारतीय स्टेट बैंक समेत अधिकतर बैंकों का मानना है कि इस हड़ताल से उनकी सेवा प्रभावित हो सकती है।

रेडियोलॉजिस्‍ट-नर्स भी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर

अपने लंबित मुद्दों पर गुरुवार को केंद्र के साथ कोई हल नहीं होने पर देश भर में रेडियो‍लॉजिस्‍ट भी हड़ताल पर रहेंगे। इस हड़ताल से अल्ट्रासोनोग्राफी और अन्य स्कैन प्रक्रियाएं जैसी रेडियोलॉजी सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो सकती हैं।

देश के प्रमुख केंद्रीय श्रमिक संगठनों ने आज राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया हुआ है। केंद्रीय संगठनों का दावा है कि इस हड़ताल में देश भर के करीब 15 करोड़ श्रमिक शामिल होंगे। लिहाज़ा इस बार की देशव्यापी हड़ताल पिछले साल के मुकाबले ज़्यादा बड़ी होगी। संगठनों का कहना है कि सरकार ने उनकी 12 सूत्री मांगों पर ध्यान नहीं दिया है और सरकार एकतरफा तरीके से श्रम सुधार लागू कर रही है।

इस हड़ताल के तहत बैकिंग, टेलीकॉम और कई अन्‍य क्षेत्रों के कर्मचारी पूरे दिन हड़ताल पर रहेंगे। यह कर्मचारी बेहतर वेतन के साथ सरकार की नई श्रमिक और निवेश नीतियों के विरोध में यह कदम उठा रहे हैं। बैंक, सरकारी ऑफिस और फैक्ट्रियां बंद रहेंगी। कुछ राज्‍यों में स्‍थानीय संगठनों ने भी हड़ताल में भागीदारी का फैसला किया है। इसके कारण सार्वजनिक परिवहन व्‍यवस्‍था पर भी असर पड़ सकता है। इनके साथ-साथ रेडियोलॉजिस्‍टों और सरकारी अस्‍पतालों की नर्सों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की है।

आल इंडिया ट्रेड यूनियंस कांग्रेस और सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस जैसे संगठनों ने हड़ताल नहीं करने की सरकार की अपील को ठुकरा दिया था। इन संगठनों का कहना है कि सरकार उनकी मांगों को पूरा करने में नाकाम रही है। इन संगठनों की आपत्ति बीमा और रक्षा जैसे क्षेत्रों में विदेशी निवेश के नियमों के शिथिल करने को लेकर है। घाटे में चल रहे सार्वजनिक उपक्रमों को बंद करने की योजना का भी श्रमिक संगठन विरोध कर रहे हैं।

ट्रेड यूनियनों की हड़ताल को खत्‍म करने के प्रयासों के तहत वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मंगलवार को कहा था कि सरकार अपने कर्मचारियों का पिछले दो साल का बोनस जारी करेगी। इसके साथ अकुशल श्रमिकों के न्‍यूनतम वेतन में इजाफे की बात भी कही गई है।

बैंकिंग सेवाएं होंगी प्रभावित

ऑल इंडिया बैंक इंप्लायज एसोसिएशन (एआईबीईए), बैंक इंप्लायज फेडरेशन ऑफ इंडिया (बीईएफआई), ऑल इंडिया बैंक आफिसर्स एसोसिएशन (एआईबीओए), ऑल इंडिया बैंक आफिसर्स कान्फेडरेशन (एआईबीओसी) तथा इंडियन नेशनल बैंक ऑफिसर्स कांग्रेस (आईएनबीओसी) जैसे संगठनों ने नोटिस दिये हैं। भारतीय स्टेट बैंक समेत अधिकतर बैंकों का मानना है कि इस हड़ताल से उनकी सेवा प्रभावित हो सकती है।

रेडियोलॉजिस्‍ट-नर्स भी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर

अपने लंबित मुद्दों पर गुरुवार को केंद्र के साथ कोई हल नहीं होने पर देश भर में रेडियो‍लॉजिस्‍ट भी हड़ताल पर रहेंगे। इस हड़ताल से अल्ट्रासोनोग्राफी और अन्य स्कैन प्रक्रियाएं जैसी रेडियोलॉजी सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो सकती हैं।

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