भागलपुर जेल से छूटे मर्डर केस के दोषी शहाबुद्दीन, कहा- मेरे नेता लालू यादव है

Sep 10, 2016
भागलपुर जेल से छूटे मर्डर केस के दोषी शहाबुद्दीन, कहा- मेरे नेता लालू यादव है

यहां की जेल में बंद राजद के पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन शनिवार सुबह रिहा हो गए। जेल से बाहर आकर उन्होंने कहा, ”कोई मुझसे डरा हुआ नहीं है। मुझे आतंक का पर्याय कहना गलत है। 13 साल बाद अपने घर जा रहा हूं। पिछले 11 साल से मैंने किसी से मुलाकात नहीं की।” उनका कहना है कि उनके नेता नीतीश कुमार नहीं, बल्कि लालू प्रसाद हैं। बता दें कि तेजाब कांड के गवाह राजीव रोशन की हत्या के मामले में शहाबुद्दीन पटना हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद छूटे हैं। उन्हें उम्र कैद की सजा सुनाई गई थी।
शनिवार सुबह 7:15 बजे शहाबुद्दीन जेल से बाहर आए। इस मौके पर सैकड़ों समर्थक जेल के बाहर जुटे थे। जैसे ही शहाबुद्दीन गेट से बाहर आए, भगदड़ मच गई। उनके पास जाने के लिए लोग आगे बढ़ने लगे।
इस दौरान कुछ मीडियाकर्मियों के कैमरे गिर गए और उन्हें हल्की चोट भी आई। शहाबुद्दीन यहां से 38 गाड़ियों के काफिले के साथ सीवान के लिए रवाना हो गए।

इससे पहले बाहुबली इमेज के बारे में सवाल पूछे जाने पर कहा, ”मैं अपनी इमेज क्यों बदलूंगा? लोगों ने मुझे इसी तरह 26 साल से स्वीकार किया है। दहशत की बात एक-दो लोग कहते हैं। मुझे केस में गलत फंसाया गया था।” शहाबुद्दीन ने कहा, ”मेरे एक मात्र नेता लालू प्रसाद हैं। मैं पिछले 27 साल से लालू के नेतृत्व में काम कर रहा हूं और जब तक वे जिंदा रहेंगे, मेरे नेता रहेंगे।” नीतीश के बारे में पूछे जाने पर शहाबुद्दीन ने कहा, ”नीतीश महागठबंधन के नेता और मुख्यमंत्री हैं, वे मेरे नेता नहीं हैं। मैंने न कभी नीतीश के नेतृत्व में काम किया है, न कर रहा हूं और न करूंगा।”

भागलपुर शिफ्ट किए गए थे शहाबुद्दीन
सीवान में जेल में जनता दरबार लगाने के आरोप और जर्नलिस्ट राजदेव रंजन की हत्या के बाद शहाबुद्दीन को 19 मई को सीवान से भागलपुर जेल में शिफ्ट किया गया था। इसके बाद से करीब चार महीने इसी जेल में रहे। किस मामले में छूटे हैं शहाबुद्दीन? कितने साल की हुई थी सजा?

शहाबुद्दीन नवंबर 2005 से जेल में बंद थे। उन्हें सीवान में हुए तेजाब कांड में जमानत मिली है। 16 अगस्त 2004 को सीवान के गोशाला रोड में रहने वाले कारोबारी चंद्रकेश्वर प्रसाद के दो बेटों सतीश और गिरीश का अपहरण हुआ था। चंदा बाबू की पत्नी कलावती देवी के बयान के बाद जांच में शहाबुद्दीन का नाम सामने आया। किडनैप हुए सतीश और गिरीश के बड़े भाई राजीव रोशन ने अपनी गवाही में खुलासा किया था कि शहाबुद्दीन की मौजूदगी में उसके दोनों भाइयों को तेजाब में डुबोकर मार डाला गया था। हाईकोर्ट के आदेश पर शहाबुद्दीन के खिलाफ मामले की सुनवाई शुरू हुई। इसी बीच, 16 जून 2014 को अहम गवाह राजीव की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इसमें शहाबुद्दीन और उनके बेटे ओसामा आरोपी हैं। सीवान कोर्ट ने दी उम्रकैद की सजा, हाईकोर्ट में मिली जमानत, सीवान की कोर्ट ने इस मामले में शहाबुद्दीन को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

शहाबुद्दीन ने इसे चैलेंज करते हुए पटना हाईकोर्ट में अपील दायर की।
बचाव पक्ष ने कहा कि शहाबुद्दीन पर हत्या का सीधा आरोप नहीं है। जिस वक्त राजीव रोशन की हत्या हुई, पूर्व सांसद जेल में थे। उन पर हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोप है। इसके बाद हाईकोर्ट ने शहाबुद्दीन को जमानत दे दी। राजदेव के परिवार से मिलेंगे शहाबुद्दीन, शहाबुद्दीन ने कहा कि वे जर्नलिस्ट राजदेव रंजन घर जाकर उनके परिवार से मिलेंगे।

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