बंगाल में 71 प्रतिशत और असम में 70 प्रतिशत से अधिक मतदान

Apr 12, 2016

पश्चिम बंगाल विधानसभा के पहले चरण के दूसरे हिस्से के मतदान के तहत तीन जिलों की 31 सीटों के लिए सोमवार अपराह्न तीन बजे तक 71 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया.

इस दौरान हिंसा की छिटपुट घटनाओं की सूचना मिली है.निर्वाचन आयोग के सूत्रों ने बताया कि अपराह्न तीन बजे तक पश्चिम मिदनापुर में 76 प्रतिशत, बांकुड़ा में 70.80 प्रतिशत और वर्धमान में 68 प्रतिशत मतदान हुआ.

बड़ी संख्या में मतदाता सुबह सात बजे से मतदान केंद्रों के बाहर पंक्तिबद्ध खड़े देखे गये ताकि वे दिन की गर्मी से बच सकें. राज्य में दिन का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से भी अधिक दर्ज किया जा रहा है.

वर्धमान की जमुरिया विधानसभा सीट के मतदान केंद्रों से हिंसा की छिटपुट घटनाओं की खबरें आई हैंं.

इसी विधानसभा क्षेत्र में तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने माकपा के एक चुनाव एजेंट को कथित रूप से पीटा और उसे मतदान केंद्र में जाने से रोक दिया. इस दौरान माकपा का चुनाव एजेंट घायल हो गया. तृणमूल कांग्रेस ने आरोपों से इनकार किया है.

पुलिस को जमुरिया में एक मतदान केंद्र के पास दो बैग मिले जिनमें बम थे.पश्चिम मिदनापुर जिले के नारायणगढ़ में तृणमूल कांग्रेस और माकपा के बीच संघर्ष हुआ जहां माकपा के राज्य सचिव और विधानसभा में विपक्ष के नेता सूर्यकांत मिश्रा का सत्तारूढ़ पार्टी के कार्यकर्ताओं ने विरोध किया. वह यहां से किस्मत आजमा रहे हैं.

वर्धमान जिले में पांडवेर विधानसभा सीट के तहत एक मतदान केंद्र पर चुनाव अधिकारी परिमल बऊरी की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई जिसके कारण वहां मतदान कुछ समय के लिए बाधित हो गया.

आयोग के सूत्रों ने कहा कि आयोग को मतदान से संबंधित 1460 शिकायतें मिलीं जिनमें से 1292 का समाधान कर लिया गया.

बांकुड़ा जिले में मतदान शुरू होने से पहले बरजोरा निर्वाचन क्षेत्र में सात, बांकुड़ा निर्वाचन क्षेत्र में दो और छाटना निर्वाचन क्षेत्र में तीन ईवीएम गड़बड़ पाई गईं जिन्हें शीघ बदल दिया गया.

छाटना में मतदान के दौरान एक ईवीएम खराब हो गई जिसे बदल दिया गया. जिन प्रमुख लोगों के भविष्य का फैसला ईवीएम में कैद होगा उनमें सूर्यकांत मिश्रा के साथ प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष, पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष मानस भुइयां, प्रदेश के मंत्री मलय घटक और अभिनेत्री सोहम चक्रवर्ती आदि शामिल हैं.

असम में तीन बजे तक 71 प्रतिशत मतदान

असम चुनाव के दूसरे और आखिरी चरण के तहत 61 विधानसभा क्षेत्रों में सोमवार को हुये मतदान में दोपहर तीन बजे तक 70 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया.इस चरण में 525 प्रत्याशी मैदान में हैं.

1991 से राज्यसभा में असम का प्रतिनिधित्व कर रहे पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह दिल्ली से यहां दिसपुर सरकारी उच्च विद्यालय में अपने मताधिकार का उपयोग करने के लिए आये .

असम से भारतीय बॉक्सर शिव थापा ने भी अपने परिवार के सदस्यों के साथ अपने मताधिकार का उपयोग किया. थापा ने बताया कि वह यहां असम के बाहर इलाके में जारी अपने प्रशिक्षण से छुट्टी लेकर लोकतांत्रिक प्रक्रि या में भाग लेने के लिए आए हैं.

12,699 मतदान केन्द्रों पर कई मतदाताओं को सुबह सात बजे से मतदान शुरू होने से चार घंटा पहले ही कतारबद्ध देखा गया. इनमें से कई लोग मतदान के लिए प्रोत्साहित करने के लिए जिला प्रशासन की ओर से दिये जाने वाले मेडल पाने के लिए बेताब थे.

हालांकि कामरूप जिले के चायगांव में एक मतदान केन्द्र पर सीआरपीएफ द्वारा हवाई फायरिंग की एक घटना को छोड़कर मतदान कुल मिलाकर शांतिपूर्ण रहा.

एक गर्भवती महिला के साथ बल के एक जवान द्वारा कथित तौर पर ‘र्दुव्‍यवहार’ करने के बाद गोलीबारी की यह घटना हुयी. महिला अपना वोट डाल कर वापस आ गयी और फिर वहां छूट गये बच्चे को लाने के लिए मतदान केन्द्र पर चली गयी थी.

जिला के पुलिस अधीक्षक प्रशांत सैकिया ने बताया कि मतदान केन्द्र पर मौजूद सीआरपीएफ की पूरी टीम को घटना के बाद बदल  दिया गया.

बारपेटा जिले में केन्द्रीय बल और मतदाताओं के बीच एक संघर्ष में एक व्यक्ति की मौत हो गयी और सीआरपीएफ के दो जवान सहित तीन अन्य घायल हो गये. यह संघर्ष सोरभोग विधानसभा के सफरकुमार मतदान केन्द्र पर वोट डालने के लिए एक कतार बनाने के दौरान हुआ .

जिला चुनाव अधिकारियों ने बताया कि हाथापाई उस समय शुरू हुयी जब सीआरपीएफ के जवानों ने मतदाताओं को पंक्ति में आने के लिए कहा. इसके बाद उनमें तकरार हो गयी और धक्कामुक्की हो गयी.

चुनाव अधिकारी ने बताया कि पूरे मध्य और नीचले असम के कुछ मतदान केन्द्रों पर इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन :ईवीएमएस: में गड़बड़ी की भी खबर मिली और उन्हें तत्काल बदल दिया गया.

स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए मतदान कार्यालय ने सीसीटीवी कैमरा और वेब कास्टिंग सुविधाओं का भी प्रबंध किया गया था.

कांग्रेस के राज्य के कैबिनेट मंत्री रकीबुल हुसैन, चंदन सरकार और नजरूल इस्लाम के अलावा पूर्व मुख्यमंत्री और अगप के नेता प्रफुल्ल कुमार महंत और भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सिद्धार्थ भट्टाचार्य के भाग्य का फैसला आज के मतदान से निर्धारित होगा.

पूर्व कांग्रेस मंत्री और पिछले साल मुख्यमंत्री तरूण गोगोई से अलगाव के बाद भाजपा में शामिल होने वाले डॉक्टर हेमंत बिस्वा के भाग्य का फैसला भी आज के मतदान से तय होगा.

477 पुरूष और 48 महिला प्रत्याशियों में से कांग्रेस के 57, भाजपा के 35 इसके गठबंधन सहयोगी अगप के 19 और बीपीएफ के 10, एआईयूडीएफ के 47, माकपा के नौ, सीपीआई के पांच, गैर मान्यता प्राप्त दलों के 129 और 214 निर्दलीय प्रत्याशी शामिल हैं.

एआईयूडीएफ अध्यक्ष बदरूद्दीन अजमल ने भी मतदान किया. अजमल का दावा है कि वह आगामी सरकार के गठन में ‘‘किंग मेकर’’ की भूमिका निभाएंगे.

राज्य में 65 विधानसभा क्षेत्रों के लिए चार अप्रैल को पहले चरण का मतदान हुआ था जिसमें 82.20 प्रतिशत मतदाताओं ने मताधिकार का प्रयोग किया था.

लाइक करें:-
कमेंट करें :-
 

संबंधित ख़बरें

वायरल वीडियो

और पढ़ें >>

मनोरंजन

और पढ़ें >>
और पढ़ें >>