मंदिर में बीफ फेंककर दंगे कराने की बना रहे थे योजना, पकड़े गये ISIS के 11 संदिग्ध आतंकी

Jun 30, 2016

हैदराबाद : यहां हिरासत में लिए गए आईएसआईएस के 11 संदिग्ध आतंकी रमजान के दौरान दंगे कराना चाहते थे। इसके लिए वे शहर के भाग्यलक्ष्मी मंदिर में बीफ फेंकने की साजिश रच रहे थे। ये लोग किसी न किसी वीवीआईपी पर भी हमले की तैयारी में भी थे। बता दें कि बुधवार सुबह एनआईए और लोकल पुलिस की स्पेशल टीम ने हैदराबाद में 10 ठिकानों पर छापे मारे और आईएस के एक मॉड्यूल का पर्दाफाश किया। इनमें 6 भाई और 2 कम्प्यूटर इंजीनियर हैं। इनके फोन कॉल जब ट्रेस किए गए तो एक को कहते सुना गया था कि ”काम को अंजाम देने के लिए तैयार हैं हम।” एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, हिरासत में लिए गए संदिग्धों ने पूछताछ में बताया है कि वे वीवीआईपी की हत्या के लिए ताकतवर बम बना रहे थे। हैदराबाद के सबसे मशहूर भाग्यलक्ष्मी मंदिर में बीफ फेंककर ये कम्युनल टेंशन फैलाने की साजिश रच रहे थे। ये लोग ऐसा करके शहर में दंगे कराना चाहते थे। खुलासे के मुताबिक, ये काम अभी चल रहे रमजान के दौरान ही किया जाना था। वक्त रहते एनआईए ने इस साजिश को पूरी तरह से नाकाम कर दिया।

एक संदिग्ध ने मांगा था बीफ, हरकत में आ गई एनआईए…

जानकारी के मुताबिक, हिरासत में लिए गए सभी लोग करीब 5 महीने से एनआईए के रडार पर थे। ये सभी नौकरी करते थे और भारत में आईएस के चीफ रिक्रूटर शफी अरमार के टच में थे। बताया जाता है कि 26 जून की शाम एनआईए ने एक फोन ट्रेस किया। इसके बाद इस एजेंसी ने तय कर लिया कि इन लोगों पर एक्शन लेना बेहद जरूरी हो गया है। इस बातचीत में एक संदिग्ध ने दूसरे से कहा था कि वो गाय और भैंस के मांस के चार-चार पीस दो दिन तक लगातार लाए। 27 जून तक 7 और गायों का इंतजाम किया जाए। 200 लीटर हाइड्रोजन पैराऑक्साइड का भी इंतजाम करो। ट्रेस हुई बातचीत में एक संदिग्ध को कहते सुना गया, ”काम को अंजाम देने के लिए तैयार हैं हम।” दुबई से मिल रहा था पैसा बताया जाता है कि संदिग्ध अगले कुछ दिनों में ही दंगों की साजिश को अंजाम देने वाले थे। इन लोगों को पैसा दुबई से मिल रहा था। भारत में आईएस के अब तक जितने मॉड्यूल पकड़े गए हैं, उनमें से यह पहला ग्रुप है जिसके पास काफी हथियार मिले हैं। पहले जिन ग्रुपों का पता लगाया गया था, उनके पास आईडी बनाने का सामान तो था, लेकिन इतने हथियार नहीं थे। बुधवार को जिस मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया गया, उसका चीफ मोहम्मद इब्राहिम यजदानी है। इसके अलावा मोहम्मद इलियास यजदानी, अबदुल्ला बिन अहमद अल अमोदी, हबीब मोहम्मद और मोहम्मद इरफान को गिरफ्तार किया गया। बाकी छह लोगों से पूछताछ की जा रही है। सभी की उम्र 20 से 30 साल के बीच है और ये जॉब करते हैं। इनमें से कुछ कम्प्यूटर इंजीनियर हैं और अच्छी फैमिली से ताल्लुक रखते हैं।

क्या कहा एनआईए ने?

एनआईए के एक सूत्र के मुताबिक, गाय का मांस मंगाए जाने की खबर मिलते ही हमने एक्शन लिया। हमें शक है कि ये सभी लोग सीरिया में रह रहे एक हैंडलर के टच में थे। इसको आमिर कहा जाता है, लेकिन लगता है कि ये आमिर और कोई नहीं, बल्कि शफी अरमार उर्फ यूसुफ अल हिंदी ही है। यही भारत में आईएस का चीफ रिक्रूटर माना जाता है। चार इलाकों में, 10 ठिकानों पर छापे पुलिस सूत्रों के मुताबिक – “एनआईए ने चंद्रयानगुंटा, मोघुलपुरा, मीर चौक और भवानी नगर इलाके में छापेमारी की। इनमें 6 भाई हैं। दो इंजीनियर हैं।” “मोहम्मद इलियास यगनानी, मोहम्मद अलमोदी, अभिन मोहम्मद, मोहम्मद इरफान और मुजफ्फर हसन समेत पांच और लोगों को हिरासत में लिया गया है। इन सभी से पूछताछ की जा रही है। “हिरासत में लिए गए ये सभी यगनानी ब्रदर्स काफी पढ़े-लिखे हैं। इनमें से एक सॉफ्टवेयर और कम्प्यूटर इंजीनियर है। तीसरा और चौथा भाई ग्रैजुएट है।”

सीरिया में बैठे थे हैंडलर्स….
आईबी ने इनपुट दिया था कि हैदराबाद के कुछ संदिग्ध सीरिया में IS के हैंडलर्स के कॉन्टैक्ट में हैं। इसके बाद ये जानकारी एनआईए को दी गई। एनआईए ने जब इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस बढ़ाया तो उसके अफसर चौंक गए। आरोपी ज्यादातर वक्त सीरियाई हैंडलर्स के टच में बने रहते थे। ये लोग बाहर भी काफी कम आते थे। भारत में किसी बड़े आतंकी हमले को अंजाम देने के लिए इन्हें पैसे और हथियार मुहैया कराए गए थे। कुछ लैपटॉप और स्मार्टफोन भी जब्त किए गए हैं। इनके जरिए संदिग्ध हैंडलर्स के टच में रहते थे।

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