बैडमिंटन : मारिन को परास्त कर सिंधु ने जीता पहला इंडिया ओपन खिताब

Apr 02, 2017
बैडमिंटन : मारिन को परास्त कर सिंधु ने जीता पहला इंडिया ओपन खिताब

रियो ओलम्पिक-2016 में रजत पदक जीतने वाली भारतीय खिलाड़ी पी.वी. सिंधु ने रविवार को स्पेन की कैरोलिना मारिन को योनेक्स इंडिया ओपन सुपर सीरीज टूर्नामेंट के महिला एकल वर्ग के फाइनल में मात देते हुए पहली बार यह खिताब अपने नाम किया। रियो ओलम्पिक में मारिन ने ही सिंधु को हराकर स्वर्ण पदक जीता था। सिरी फोर्ट स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स में खेले गए फाइनल मैच में सिंधु ने मारिन को 47 मिनट तक चले मुकाबले में 21-19, 21-16 से मात दी।

सिंधु इस टूर्नामेंट के फाइनल में पहली बार पहुंचीं थीं और पहली बार ही वह इसे जीतने में सफल रहीं।

विश्व की दो दिग्गज खिलाड़ियों के बीच मुकाबला रोचक रहा, लेकिन सिंधु घरेलू दर्शकों के सामने यह मुकाबला जीतने में कामयाब रहीं। मारिन ने भी मैच में शानदार खेल दिखाया लेकिन वह सिंधु को पछाड़ने की कोशिश में हमेशा एक कदम पीछे रहीं। दोनों सेट में सिंधु ने उन्हें अधिकतर समय पीछे ही रखा।

रियो फाइनल के बाद दोनों खिलाड़ियों के बीच यह दूसरा मैच था। इन दोनों मैचों में सिंधु ने जीत हासिल की। दोनों खिलाड़ी अभी तक कुल 10 बार आमने-सामने हुई हैं जिसमें दोनों 5-5 से बराबर हैं।

पहले सेट में पहला अंक मारिन ने हासिल किया, लेकिन इसके बाद सिंधु ने लगातार छह अंक लेकर स्कोर 6-1 कर दिया। मारिन ने अपनी गलतियों से सीख ली और सिंधु के काफी करीब आईं लेकिन सिंधु ने उन्हें बरबरी नहीं करने दी। सिंधु ने ब्रेक तक 11-10 की बढ़त ले ली थी।

ब्रेक के बाद दोनों के बीच प्रतिस्पर्धा और कड़ी हो गई। विश्व विजेता मारिन ने 16-16 से बराबरी की लेकिन सिंधु ने तुरंत एक अंक लेकर बढ़त ले ली। मारिन ने लगातार दो अंक लिए और 18-17 से बढ़त ले ली। सिंधु ने 19-19 से बराबरी की और फिर लगातार दो अंक लेकर 21-19 से सेट अपने नाम कर ले गईं।

दूसरे सेट में सिंधु ने अच्छी शुरुआत करते हुए लगातार चार अंक जुटाए। अपने अक्रामक खेल के लिए मशहूर मारिन ने वापसी की कोशिश की और एक समय बरबारी करने के काफी करीब गई थीं, लेकिन पहले गेम की तरह ही वह इस गेम में भी सिर्फ अंकों के अंतर को कम कर सकीं। सिंधु ने ब्रेक तक उन्हें बराबरी तक नहीं करने दी और 11-7 की बढ़त ले ली थी।

ब्रेक के बाद सिंधु मारिन पर पूरी तरह से हावी हो गई और 21-16 से गेम जीत पहली बार खिताब पर कब्जा जमाया।

इसी टूर्नामेंट के पुरुष एकल वर्ग में डेनमार्क के विक्टर एक्सेलसन ने फाइनल में चीनी ताइपे के चुओ तियान चेन को आसान मुकाबले में 21-13, 21-10 से मात देते हुए खिताब हासिल किया।

यह मुकाबला महज 36 मिनट तक चला। विक्टर को खिताबी जीत हासिल करने में कोई परेशानी नहीं हुई। उन्होंने दोनों सेट में अपने विपक्षी पर दबाव बनाए रखा।

इसी टूर्नामेंट के पुरुष युगल के फाइनल में इंडोनेशिया के मार्कस फेर्नाल्डी गिडेयोन और केविन संजया सुकामुलजो की जोड़ी ने हमवतन रिकि कारणदासुवार्डी और अनग्गा प्रतामा की जोड़ी को आसान मुकाबले में 21-11, 21-15 से मात देते हुए खिताब जीता।

महिला युगल का फाइनल जापान की शिहो टानाका और कोहारु योनेमोटो की जोड़ी के नाम रहा। इस जोड़ी ने भी अपनी हमवतन नाओको फुकुमैन और कुरुमी योनाओ की जोड़ी को कड़े मुकाबले में 16-21, 21-19, 21-10 से मात दी।

मिश्रित युगल के फाइनल में चीन के लु केई तथा हुयांग याकियोंग की जोड़ी ने जीत हासिल की। फाइनल में इस जोड़ी के सामने अपने ही देश के झेंग सिवेई और चेन किंगचेन की जोड़ी थी जिसे केई और याकियोंग की जोड़ी ने रोमांचक मुकाबले में 22-24, 21-14, 21-17 से मात देते हुए खिताब पर कब्जा जमाया।

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