बाबरी विध्वंस मामले में आडवाणी, जोशी सहित अन्य आरोपियों की किस्मत पर 22 मार्च को आएगा फैसला

Mar 06, 2017
बाबरी विध्वंस मामले में आडवाणी, जोशी सहित अन्य आरोपियों की किस्मत पर 22 मार्च को आएगा फैसला

6 दिसम्बर 1992 को अयोध्या बाबरी मस्जिद विधवंस मामले में सुप्रीम कोर्ट 22 मार्च को अंतिम फैसला सुनाएगी। 22 मार्च यानि बुधवार को बीजेपी के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी , मुरली मनोहर जोशी, केन्द्रीय मंत्री उमा भारती और कल्याण सिंह के किस्मत का फैसला होगा। बीजेपी के ये सभी नेता बाबरी मस्जिद विधवंस मामले में आरोपी है। हालांकि इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सभी आरोपियों पर से मस्जिद विध्वंस का षड्यंत्र रचने के आरोप हटा चूकी है।

सोमवार को सुप्रीम कोर्ट हाजी महबूब अहमद की याचिका तथा सीबीआई पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने अपने फैसले के लिए अंतिम तारीख दे दी है। जस्टिस पीसी घोष और जस्टिस आरएफ नरीमन की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए ट्रायल में हो रही देरी पर चिंता जाहिर कि कहा की न्यायिक प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए अगर जरूरत पड़ी तो संयुक्त ट्रायल भी चलाया जायेगा।

गौरतलब है कि 6 दिसम्बर 1992 को अयोध्या की बाबरी मस्जिद को कार सेवको ने गिरा दिया था। जिसमे बीजेपी के कई वरिष्ठ नेता इस विध्वंस में शामिल थे। इसमें लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, कल्याण सिंह, विनय कटियार और उमा भारती के नाम शामिल है। इन सभी नेताओ पर आरोप है की उन्होंने बाबरी मस्जिद को गिराने के लिए कार सेवको को उकसाया।

मालूम हो की सीबीआई की विशेष अदालत ने बीजेपी के इन सभी वरिष्ठ नेताओ पर से षड्यंत्र रचने का आरोप हटा दिया था। जिसको बाद में इलाहबाद हाई कोर्ट में चुनौती दी गयी थी। साल 2010 में हाई कोर्ट ने विशेष अदालत के आदेश को बरकरार रखा। बाद में CBI ने हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। अगर सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट के इस फैसले को बदल देती है तो बीजेपी के इन सभी वरिष्ठ नेताओ के खिलाफ पुराने मामले फिर से खोले जा सकते है।

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