माफिया के इशारे पर क्या जेल के अंदर हत्या करा देता है यह जेलर, कस्टडी में दूसरी संदिग्ध मौत से सवाल

Oct 07, 2016
माफिया के इशारे पर क्या जेल के अंदर हत्या करा देता है यह जेलर, कस्टडी में दूसरी संदिग्ध मौत से सवाल
यूपी के जेलर बीएस मुकुंद फिर चर्चा में हैं। पहले जब लखनऊ कारागा में थे तो एनआरएचएम घोटाले के आरोपी डॉ. सचान की संदिग्ध मौत में नाम जुड़ा, अब नोएडा के जेलर हुए तो दादरी कांड के बहुचर्चित मामले के आरोपी रवि की उनकी कस्टडी में संदिग्ध मौत हो गई। इससे जेलर की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं। यह जेलर लखनऊ में डिप्टी सीएमओ मौत मामले में निलंबित हो चुका है। अब ताजा मामले में नोएडा जेल से हटाकर संबद्ध करने की तैयारी चल रही है।
परिजन बोले-रवि की पिटाई से हुई मौत
 आरोपी के परिजनों का कहना है कि जेल में पिटाई के कारण रवि की मौत हुई। आरोपों को इसलिए बल मिल रहा है क्योंकि मुकुंद का नाम लखनऊ में डिप्टी सीएम सचान की मौत से भी जुड़ चुका है।  तब सीबीआई ने कई बार जेलर मुकुंद से पूछताछ की थी। हालांकि निलंबित होने के बाद मुकंद बाद में बहाल हो गए और ऊंचे रसूख के दम पर सपा सरकार में भी जिस जेल में चाहा, वहीं पर तैनाती पा ली।
2011 में हुई थी डिप्टी सीएमओ सचान की मौत
बसपा राज में् जब एनआरएचएम का  घोटाला हुआ तो डिप्टी सीएम वाईएस सचान लखनऊ कारागार मे बंद हुए।22 जून 2011 को संदिग्ध परिस्थितियों में सचान की जेल के अंदर से मौत की कबर हुई तो सूबे में तूफान मच गया। मायावती के सामने मुसीबत खड़ी हो गई। उस दौरान सामने आई एक जांच रिपोर्ट में मामला संदिग्ध होने पर जेलर बीएस मुकुंद सहित डिप्टी जेलर सुनील कुमार सिंह, प्रधान बंदी रक्षक बाबूराम दुबे और बंदीरक्षक पहींद्र सिंह को निलंबित कर दिया गया था।
अन्य ख़बरों से लगातार अपडेट रहने के लिए हमारे Facebook पेज को Join करे
लाइक करें:-
कमेंट करें :-
 

संबंधित ख़बरें

वायरल वीडियो

और पढ़ें >>

मनोरंजन

और पढ़ें >>
और पढ़ें >>