आर्ट ऑफ लिविंग के 35 साल पूरे होने पर शुक्रवार को होगा सांस्कृतिक महोत्सव का भव्य शुभारंभ

Mar 10, 2016

तमाम विवादों के बीच अध्यात्म गुरु श्री श्री रविशंकर की संस्था आर्ट ऑफ लिविंग के विश्व सांस्कृतिक समारोह का भव्य शुभारंभ शुक्रवार को होने जा रहा है.

यह सम्मलेन 13 मार्च तक चलेगा.कुल 25 करोड़ 63 लाख रुपए से आयोजन स्थल पर कई एकड़ में अस्थायी शिविर बनाए गए हैं. सात एकड़ में विशाल मंच भी बनाया गया है. इसी मंच से प्रधानमंत्री उत्सव का आगाज करने वाले हैं. हालांकि इस मंच के सुरक्षित नहीं होने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है लेकिन इसे दूर करने के उपाय भी हो रहे हैं.

आर्ट ऑफ लिविंग के 35 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित इस सांस्कृतिक महोत्सव में देश-विदेश से 36 हजार  कलाकारों के भाग लेने की संभावना है. इसके अलावा कार्यक्रम में 155 देशों  से 35 लाख लोगों के आने की भी उम्मीद है.  इतनी बड़ी संख्या में लोगों के आगमन को देखते हुए आयोजन स्थल पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं.

श्री श्री रविशंकर ने राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण की ओर से इस आयोजन को आखिरी समय पर दी गई मंजूरी पर मिली जुली प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि आयोजन को मंजूरी मिल गई, इस पर उन्हें तसल्ली है लेकिन पर्यावरण को क्षति पहुंचाने के नाम पर उनकी संस्था पर लगाया गया पांच करोड़ का जुर्माना उन्हें मंजूर नहीं है और वह इसके खिलाफ अपील करेंगे.

उन्होंने कुछ टीवी चैनलों से साक्षात्कार में यहां तक भी कहा कि वह जेल चले जाएंगे पर जुर्माना नहीं देंगे. उन्होंने कहा कि महोत्सव के खिलाफ राजनीति हो रही है. यह सभी धर्मों ,समुदायों और लोगों को एक साथ लाने का प्रयास है, जिसमें सबसे सहयोग की अपील की अपेक्षा की जाती है.

उन्होंने कहा कि इसके आयोजन के लिए सभी स्तर पर आवश्यक मंजूरी ली गई थी. इस बात के प्रमाण उनके पास हैं, ऐसे में जुर्माना लगाया जाना सर्वथा अनुचित है.

अध्यात्म गुरु ने कहा कि बार – बार यह कहा जा रहा है कि यमुना के तट पर महोत्सव के आयेजन से नदी और उसकी पारिस्थितिकी को नुकसान पहुंचेगा जबकि हकीकत यह है कि यह यमुना को स्वच्छ और निर्मल बनाए रखने का यह एक जागरूकता अभियान है.

उन्होंने इस समारोह में राष्ट्रपति के नहीं आ पाने पर अफसोस जताया और कहा कि कई बड़े नेता अपनी व्यस्तता के कारण नहीं आ रहे है, वह उनकी स्थिति को समझते हैं.

दूसरी ओर पर्यावरणविदों का कहना है कि इस व्यापक आयेजन से यमुना की नाजुक स्थिति को गंभीर नुकसान हो सकता है और इससे यमुना को अपूरणीय क्षति हो सकती है.

इसी धारणा के साथ ही यमुना जियो नाम की एक संस्था की ओर से उत्सव के आयोजन पर रोक की मांग वाली याचिका एनजीटी में दाखिल की गई थी जिस पर आए फैसले में आर्ट ऑफ लिविंग के साथ ही दिल्ली विकास प्राधिकरण और दिल्ली प्रदूषण नियांण समिति पर भी जुर्माना लगाया गया है.
 

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