एक मिसाल: हिन्दू लड़की वो भी कुरान की तालीम मुस्लिम बच्चों को दे रही मंदिर में

Sep 06, 2016
एक मिसाल: हिन्दू लड़की वो भी कुरान की तालीम मुस्लिम बच्चों को दे रही मंदिर में

आगरा। सांप्रदायिक रूप से अशांत पश्चिमी उत्तर प्रदेश की दो बहनें साम्प्रदायिक सद्भाव का मिसाल कायम करते हुए मुस्लिम बच्चों को मंदिर में कुरान की तालीम देती है। समग्र संस्कृति का यह नजारा आगरा के संजय नगर कॉलनी के एक मंदिर परिसर में प्रत्येक दिन शाम चार बजे देखने को मिलता है। यहां 12वीं की छात्रा 18 वर्षीय पूजा कुशवाहा 35 मुस्लिम विद्यार्थियों को कुरान सिखाती है।

बच्चों के माता-पिता हैं खुश
पूजा इन मुश्किल अरबी अक्षरों को छात्रों को बिना किसी त्रुटी के सिखाती है। बच्चों के माता-पिता भी पूजा से काफी खुश हैं। 5 वर्षीय बच्चे की मां रेशमा बेगम ने कहा कि पूजा ने इस उम्र में जो हासिल की है, वह शायद ही देखने को मिलता हैं। मैं बहुत खुश हुं कि वह मेरे बच्चे की टीचर है। उसका धर्म इसके लिए कोई मायने नहीं रखता।

दोस्त संगीता से सीखी उर्दू
पूजा ने भी कुरान की तालीम संगीता बेगम से ली है, जो एक मुस्लिम पिता और हिन्दू मां की संतान थी। पूजा ने कहा कि इस पवित्र ग्रंथ में रूची आने के बाद मैनें आगे की कक्षा में भी उर्दू की पढ़ाई की। हालांकि, वह उच्च कक्षा में उर्दू की पढ़ाई जारी नहीं रख सकी।

संगीता के बाद पूजा ने उठाई जिम्मेदारी
संगीता बेगम ने जब कुछ व्यक्तिगत कारणों से बच्चों को कुरान पढ़ाने में असमर्थता जाहिर की तो इसका जिम्मा पूजा ने उठा लिया। पूजा के अनुसार, अधिकांश बच्चे गरीब परिवार के हैं। उनके पास देने के लिए पैसे नहीं हैं और ना ही मैं चाहती हूं।

घर में कम पड़ गई जगह तो मंदिर में पढ़ाना शुरू की
बच्चों की संख्या ज्यादा होने पर घर में जगह की दिक्कत होने लगी। स्थानीय लोगों ने मंदिर परिसर में पढ़ाने की अनुमति दे दी। पूजा की बड़ी बहन नंदनी भी स्थानीय बच्चों को हिन्दी और भागवत गीता पढ़ाती है।

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