अमेरिका,चीन और भारत के बीच मतभेद दिखाने की कोशिश कर रहा है :बीजिंग

May 17, 2016

अमेरिका पर चीन और भारत के बीच मतभेद दिखाने की कोशिश का आरोप लगाते हुए बीजिंग ने कहा कि दोनों पड़ोसी देश इतने समझदार हैं कि वे शांतिपूर्ण ढंग से अपना सीमा विवाद सुलझा सकें तथा अमेरिका को उनके प्रयासों का सम्मान करना चाहिए.

चीन के विदेश मंत्रालय ने पेंटागन की एक रिपोर्ट पर लिखित जवाब में कहा, ‘‘चीनी पक्ष चीन और भारत के बीच सीमावर्ती इलाकों में शांति बनाए रखने और भारत के साथ वार्ता के जरिए सीमा संबंधी विवाद सुलझाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.’’
पेंटागन ने एक रिपोर्ट में आरोप लगाया है कि बीजिंग ने भारत से सटी सीमा पर अपनी सुरक्षा क्षमताएं बढ़ा दी हैं और अधिक बल को तैनात किया है.
अमेरिका की सैन्य रिपोर्ट में विश्व के विभिन्न हिस्सों, खासकर पाकिस्तान में चीनी सेना की बढ़ती मौजूदगी को लेकर भी सचेत किया गया है.
विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट रूप से अमेरिका का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘चीन और भारत इतने समझदार एवं सक्षम हैं कि वे इस मामले से निपट सकें. यह उम्मीद की जाती है कि अन्य देश विवाद के शांतिपूर्ण समाधान के लिए चीन और भारत के प्रयासों का सम्मान करें, न कि इसके विपरीत काम करें.’’
अमेरिका में पूर्वी एशिया के रक्षा मामलों के सहायक उप मंत्री अब्राहम एम. डेनमार्क ने कहा था, ‘‘हमने भारत की सीमा के निकट के इलाकों में चीनी सेना की ओर से क्षमता और बल में इजाफा पाया है.’’
डेनमार्क ने ‘चीनी जनवादी गणराज्य की सेना और सुरक्षा घटनाक्रम’ पर अमेरिकी कांग्रेस में पेंटागन की वार्षिक 2016 रिपोर्ट पेश करने के बाद कहा, ‘‘यह तय करना मुश्किल है कि इसके पीछे वास्तविक मंशा क्या है.’’
उन्होंने तिब्बत में सैन्य कमान का स्तर उन्नत करने के चीन के कदम पर एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘यह कहना मुश्किल है कि इसमें आंतरिक स्थिरता बरकरार रखने की कितनी मंशा और कितना बाहरी मंशा से प्रेरित है.’’
चीन के रक्षा मंत्रालय ने पेंटागन की रिपोर्ट पर रविवार को ‘गहरा असंतोष’ और ‘दृढ़ विरोध’ जताया था. रिपोर्ट में यह भी आरोप लगाया गया है कि चीन अपने नियंत्रण का दावा करने के लिए दक्षिण चीन सागर में अपने द्वारा निर्मित कृत्रिम द्वीपों के सैन्यीकरण पर ध्यान केंद्रित कर रहा है.
चीन के रक्षा मंत्रालय ने आरोप लगाया था कि पेंटागन की इस वार्षिक रिपोर्ट में चीन के सैन्य विकास को गलत ढंग से पेश किया गया है.
दक्षिण चीन सागर चीन और अमेरिका के बीच सैन्य तनाव का एक बड़ा बिंदू रहा है. बीजिंग इस पूरे विवादित जलक्षेत्र पर अपनी संप्रभुता का दावा करता है और उसने वहां सैन्य ठिकानों वाले कृत्रिम द्वीपों का निर्माण भी किया है. फिलीपीन, मलेशिया, वियतनाम, ब्रुनेई और ताइवान चीन के इन दावों के विरोध में हैं.
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