जाति बताने पर नहीं पहुंची एंबुलेंस, नवजात दलित बच्ची की मौत

Aug 08, 2016
एटा देश भर में लगातार दलितों पर बढ़ते अत्याचार रूकने का नाम नहीं ले रहे हैं। आलम यह है कि अब प्रसूता और उसके बच्चे तक को दलित होने की सजा तक मिल रही है। बीते शनिवार रात को दलित बताने पर प्रसूता को स्वास्थ्य सेवा का लाभ नहीं मिल सका। जिसके चलते नवजात बच्ची को जान से हाथ धोना पड़ा और प्रसूता की हालत बिगड़ गई। बता दें कि यह आरोप एंबुलेंस 108 सेवा पर लगे है। इस मामले को लेकर कस्बे के दलित समुदाय में खासा आक्रोश है।
जानकारी के अनुसार कस्बा के मोहल्ला कंबोह निवासी वीरेंद्र की गर्भवती पत्नी सोना देवी को शनिवार रात को प्रसव पीड़ा हुई। परिवारजनों ने तत्काल एंबुलेंस सेवा 108 नंबर पर कॉल की। कॉल करने के लगभग आधा घंटे बाद तक भी प्रसूता कराहती रही, लेकिन एंबुलेंस नहीं पहुंची।
इसके बाद दोबारा कॉल की गई तो लाइन पर नजदीकी अस्पताल के चालक से बात कराई गई। चालक ने वीरेंद्र से मोहल्ले का नाम और जाति पूछी। विरेंद्र ने तुरंत अपना पता और जाति बताई लेकिन जाटव बताए जाने पर चालक गाड़ी लेकर नहीं पहुंचा और प्रसूता की हालत बिगड़ गई।
लेकिन अंत में प्रसूता ने घर पर ही एक बच्ची को जन्म दिया, लेकिन चिकित्सकीय सुविधा नहीं मिलने से नवजात की मौत हो गई। परिवारजनों ने आनन फानन में प्रसूता को प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया तब उसकी जान बच सकी। घटना को लेकर मोहल्ला कंबोह के दलित समुदाय में आक्रोश है। पीड़ित परिवार और ग्रामीणों ने डीएम अजय यादव से कॉल डिटेल के माध्यम से जाति पूछकर एंबुलेंस नहीं लाने वाले चालक पर कार्रवाई की मांग की है।
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