अल्लाह ने हमें एक मुक्म्मल दस्तूर दिया है मोदी सरकार शरीयत में दखल न दे, मुसलमान शरीयत के खिलाफ कोई कानून नहीं मानेगा

Oct 11, 2016
अल्लाह ने हमें एक मुक्म्मल दस्तूर दिया है मोदी सरकार शरीयत में दखल न दे, मुसलमान शरीयत के खिलाफ कोई कानून नहीं मानेगा

केंद्र सरकार द्वारा ट्रिपल तलाक के विरोध में सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल करने को लेकर जामा मस्जिद लुधियाना के शाही इमाम मौलाना हबीब उस रहमान सानी लुधियानवी ने मोदी सरकार को सख्त हिदायत देते हुए। कहा की हमारे शरीयत में दखलंदाजी की कोशिश न करे, क्योंकि मुसलमान अपने मजहब में अड़ंगा करने वाले किसी भी कानून को नहीं मानेगा। मजलिस अहरार इस्लाम हिंद की बैठक को बताते हुए कहा की ट्रिपल तलाक के विरोध में केंद्र की ओर से सुप्रीम कोर्ट दायर किया गया जवाब भारत के 26 करोड़ मुसलमानों की भावनाओं के खिलाफ है. कहा कि भारत का सविधान प्रत्येक भारतीय को अपने मजहब के मुताबिक जिन्दगी गुजारने का अधिकार देता है और केन्द्र सरकार संविधान के इस पहलु को भूल चुकी है।

इमाम ने कहा कि मुसलमानों को शादी और तलाक के विषय में किसी सरकारी सुझाव की जरूरत नहीं. उन्होनें कहा कि कुरआन शरीफ में अल्लाह ने एक मुक्म्मल दस्तूर हमें दिया जो कि हर लिहाज से पूरा है। मोदी सरकार को चाहिए कि वह मजहब के नाम पर राजनीति करना छोड़े और विकास की ओर ध्यान दें।

पंजाब में इमाम ने कहा कि सभी मुसलमान अपने अधिकारों के लिए एकजुट है, वह किसी भी काले कानून को नहीं मानेगें. शाही इमाम ने कहा कि केन्द्र सरकार में बैठे मुस्लिम प्रतिनिधियों का चाहिए कि वह चमचागिरी छोड़े और सरकार को मुसलमानों की भावनाओं से अवगत करवाए। मुस्लिम पर्सनल ला को लेकर अगर जरूरत हुई तो दिल्ली में भारत की सभी मुस्लिम संस्थाएं एक-जुट होकर सरकार के सामने अपनी बात रखेगी।

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