वोट के लिए सभी दल मना रहे हैं अंबेडकर जयंती : मायावती

Apr 14, 2017
वोट के लिए सभी दल मना रहे हैं अंबेडकर जयंती : मायावती

संविधान निर्माता भीमराव अंबेडकर की जयंती के मौके पर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज वोट और स्वार्थ में सभी दल बाबा साहेब की जयंती मना रहे हैं।

मायावती ने अपने भाई आनंद कुमार को बसपा का उपाध्यक्ष बनाने का भी ऐलान किया। पार्टी में अब तक राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नहीं था, जिसे सृजित कर आंनद कुमार का मनोनयन किया गया। मायावती ने साफ कहा कि आनंद को इस शर्त के साथ यह पद दिया गया है कि वह कभी मंत्री-मुख्यमंत्री-सांसद-विधायक नहीं बनेंगे।

मायावती शुक्रवार सुबह गोमती नगर स्थित अंबेडकर परिवर्तन स्थल पहुंचीं। यहां पर उन्होंने डॉ. अंबेडकर को श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस दौरान उन्होंने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा, “उप्र को पाकिस्तान नहीं बनने दिया जाएगा। हमने गत विधानसभा चुनाव में सर्वाधिक मुस्लिमों को टिकट दिया तो मेरे ऊपर भाजपा ने आरोप लगाया कि बसपा उप्र को पाकिस्तान बनाना चाहती है। लेकिन, जब हमारी सरकार पूर्ण बहुमत के साथ बनी थी, तब भी कई मुसलमान जीत कर आए थे। तब भी हमने उप्र को पाकिस्तान नहीं बनने नहीं दिया था। आगे भी मैं उप्र को पाकिस्तान नहीं बनने दूंगी।”

उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योगी को मुख्यमंत्री बनाकर दलितों, ब्राह्मणों, पिछड़ों के साथ धोखा किया है। वोट और स्वार्थ में सभी दल बाबा साहेब की जयंती मना रहे हैं। उनके नाम पर कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं। जब तक डॉ. अंबेडकर जीवित रहे, विरोधियों ने खूब रोड़े पैदा किए। कुछ सालों से भाजपा कह रही है कि वो दलितों की सबसे बड़ी हितैषी है, जो कि कोरा झूठ है।”

उन्होंने कहा कि भाजपा ने उप्र में ब्राह्मण प्रदेश अध्यक्ष को हटाकर पिछड़े वर्ग का प्रदेश अध्यक्ष बना दिया। चुनाव जीतकर आए तो बैकवर्ड क्लास का मुख्यमंत्री नहीं बनाया गया। इस तरह भाजपा ने ब्राह्मणों को भी धोखा दिया और बैकवर्ड क्लास को भी।

इस दौरान मायावती ने अपने भाई आनंद कुमार को पार्टी का उपाध्यक्ष बनाने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि आनंद हमेशा बिना स्वार्थ के पार्टी के लिए काम करेंगे और कभी भी सांसद, विधायक, मंत्री और मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे।

मायावती पर पढ़कर भाषण देने के लिए निशाना साधा जाता रहा है। शुक्रवार को आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने इसकी वजह बताई। उन्होंने कहा, “1996 में मेरा ऑपरेशन हुआ था, जिसमें गले की दो में से एक ग्लैंड निकाल दी गई थी। इसके बाद डॉक्टरों ने मुझे जोर से बोलने को मना किया था। पढ़कर स्पीच देने से गले पर जोर नहीं पड़ता, इसलिए मैं ऐसा करती हूं।”

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