सभी विमानन कंपनियों ने गायकवाड़ पर से हटाया प्रतिबंध

Apr 08, 2017
सभी विमानन कंपनियों ने गायकवाड़ पर से हटाया प्रतिबंध

केंद्र सरकार ने शनिवार को कहा कि वह उपद्रवी हवाई यात्रियों के दुर्व्यवहार को रोकने के लिए कड़े नियम बनाने जा रहे हैं। यह कदम शिवसेना सांसद रविंद्र गायकवाड़ के एयर इंडिया के एक कर्मचारी के साथ बदसलूकी की घटना सामने आने के बाद लिया गया है।

इस घटना के बाद पांच निजी विमानन कंपनियों ने उन पर प्रतिबंध लगा दिया था जिसे अब हटा लिया गया है।

नागरिक उड्डयन राज्यमंत्री जयंत सिन्हा के मुताबिक, उनका मंत्रालय नियम कड़े करने जा रहा है ताकि राष्ट्रीय स्तर पर ‘नो फ्लाई लिस्ट’ लागू की जा सके।

उन्होंने गायकवाड़ की घटना का उल्लेख करते हुए सिलसिलेवार ट्वीट कर कहा, “एमओसीए नियम कड़े करने जा रहा है ताकि नो फ्लाई लिस्ट बनाई जा सके। इस तरह की घटनाओं पर रोकथाम लगाने और सुरक्षा में सुधार की जरूरत है।

उन्होंने कहा, “हवाई यात्रियों को यह ध्यान रखने की जरूरत है कि यात्रियों और चालक दल के सदस्यों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। उपद्रवी बर्ताव करने पर गंभीर नतीजे भुगतने होंगे।”

मौजूदा समय में यात्रियों के खराब व्यवहार पर उन्हें विमान से उतारने और विमान में सवार नहीं होने देने का ही नियम है।

उड्डयन मंत्रालय ने एयर इंडिया को एक पत्र शुक्रवार भेजा था जिसमें भविष्य में उपद्रवी व्यवहार करने वाले यात्रियों से निपटने की दिशा में नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने मंत्रालय के साथ चर्चा कर नागरिक उड्डयन अनिवार्यता (सीएआर) का मसौदा तैयार किया था।

सिन्हा ने कहा कि गायकवाड़ ने माफी मांग ली है और उन्हें बता दिया गया है कि इस तरह की घटनाएं दोबारा नहीं हों। इस आश्वासन के बाद ही एयर इंडिया को प्रतिबंध हटाने को कहा गया।

सिन्हा ने ट्वीट कर कहा, “23 मार्च की घटना के दौरान गायकवाड़ के आचरण के संदर्भ में पुलिस जांच जारी है।”

शिवसेना सांसद रवींद्र गायकवाड़ से एयर इंडिया द्वारा प्रतिबंध हटाने के एक दिन बाद शनिवार को चार अन्य निजी विमानन कंपनियों स्पाइसजेट, इंडिगो, जेट एयरवेज और गो एयर ने भी उन पर लगे प्रतिबंध को हटा लिया।

फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस (एफआईए) ने कहा कि गायकवाड़ पर लगे प्रतिबंध हटाए जा रहे हैं। उन पर प्रतिबंध 24 मार्च को लगाया गया था।

गायकवाड़ ने 23 मार्च को एयर इंडिया के एक कर्मचारी के साथ बदसलूकी की थी, जिसके बाद पांच विमानन कंपनियों ने उन पर प्रतिबंध लगा दिया था।

विमानन कंपनियां स्पाइसजेट, इंडिगो, गो एयर, एयर इंडिया और जेट एयरवेज एफआईए के सदस्य हैं।

एफआईए के सहायक निदेशक उज्‍जवल डे ने कहा कि यह फैसला गायकवाड़ के उस आश्वासन के बाद लिया गया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि ‘हमारी संपत्तियों और सहकर्मियों को वह सम्मान दिया जाना चाहिए, जिसके वे योग्य हैं।’

एयर इंडिया ने शुक्रवार को गायकवाड़ के लोकसभा में ‘खेद जताने’ के बाद उन पर लगा प्रतिबंध हटा दिया था। नागरिक उड्डयन मंत्री गजपति राजू ने एयर इंडिया से प्रतिबंध हटाने का आग्रह किया था।

एयर इंडिया ने लेकिन साफ किया है कि वह अपने कर्मचारियों का उत्पीड़न ना होने देने और उनके साथ दुर्व्यवहार नहीं किए जाने के लिए प्रतिबद्ध है। कंपनी ने कहा है कि अपने कर्मचारियों के सम्मान को बनाए रखने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे।

गायकवाड़ के 23 मार्च को एयर इंडिया के कर्मचारी के साथ बदसलूकी करने की वजह से उनके खिलाफ उत्पीड़न और विमान को देर करवाने के लिए दो एफआईआर दर्ज की गई है।

इस प्रतिबंध की वजह से गायकवाड़ को सड़क मार्ग या रेलमार्ग से यात्रा करनी पड़ रही थी।

आल इंडिया केबिन क्रू एसोसिएशन ने गायकवाड़ पर से प्रतिबंध हटाए जाने पर नाखुशी जताई है और कहा है कि सरकार को इस फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए।

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