अखिलेश की सराहनीय पहल, हलीमा के मुफलिसी भरे जीवन में दी नई रोशनी

Jun 06, 2016

हलीमा के दोनों हाथ नहीं है, लेकिन उसने इसे कमजोरी नहीं बनने दिया और पैर से लिखना शुरू कर दिया। आज एलएलबी कर रही हैं।

कसेरवा गांव की हलीमा का उत्साह बढ़ाने के लिये सीएम अखिलेश और उनकी पत्नी डिंपल यादव ने लखनऊ बुलाया और एक लाख रुपए की आर्थिक मदद और सरकारी नौकरी देने का ऐलान किया।

हलीमा ने सीएम का अभार व्यक्त करते हुए कहा कि मेरे पास शब्द नहीं हैं सीएम साहब का शुक्रिया अदा करने के लिए। उन्होंने मुझसे लिखवा कर देखा और मेरी खूब तारीफ की। इतना ही नहीं, मेरे मुफलिसी भरे जीवन में एक नई रोशनी दी है।

हलीमा के बचपन से ही हाथ नहीं हैं, लेकिन उसके मजबूत हौसले ने इसकी कमी कभी महसूस नहीं होने दी। हलीमा अपने पैरों को हाथ बनाकर लिखना शुरू किया। गांव के प्राथमिक स्कूल में हाथ नहीं होने की वजह से एडमिशन देने से इंकार कर दिया, तो हलीमा ने घर में ही पढ़ना शुरू किया। धीरे-धीरे हलीमा आज यहां तक पहुंच गई कि वो एलएलबी की पढ़ाई कर रही हैं।

मई 2016 को हलीमा के पिता इस दुनिया से चल बसे। जिसके बाद हलीमा की जिंदगी में गरीबी छा गई। फीस देने के लिए पैसे नहीं थे, लेकिन सीएम से मुलाकात के बाद उसकी जिंदगी में एक नई उम्मीद जगी है। हलीमा को गांव के ही कस्तूरबा विद्यालय में नौकरी देने का भरोसा सीएम ने दिया है।
बचपन से होनहार हलीमा का एडमिशन 2007 में कस्तूरबा विद्यालय में हुआ। इसके बाद राजकीय इंटर कालेज से इंटरमीडिएट पास की। बेटी की पढ़ाई की जिद पर पिता मोमीन ने उसका दाखिला श्रीराम कालेज में बीएएलएलबी में करा दिया। वे अभी एलएलबी की पढ़ाई कर रही है।

अन्य ख़बरों से लगातार अपडेट रहने के लिए हमारे Facebook पेज को Join करे

लाइक करें:-
कमेंट करें :-
 

संबंधित ख़बरें

वायरल वीडियो

और पढ़ें >>

मनोरंजन

और पढ़ें >>
और पढ़ें >>