विपक्ष के खिलाफ ‘कहानी गढ़ना’ है ‘मेक इन इंडिया’ का मतलब : कांग्रेस

Jun 02, 2016

कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर प्रहार करते हुए दावा किया कि उनके लिए ‘मेक इन इंडिया’ का मतलब विपक्ष के खिलाफ ‘कहानी गढ़ना’ और पार्टी के खिलाफ ‘आधारहीन’ आरोप लगाना है.

पार्टी ने कहा, ”नेशनल हेराल्ड से अगस्ता वेस्टलैंड और इशरत जहां फर्जी मुठभेड़ तक भाजपा ने खुद को आधारहीन आरोप लगाने में सक्षम साबित किया है लेकिन वह अपने दावों को सही ठहराने में अक्षम रही है.”

अपनी वेबसाइट पर कड़े शब्दों में एआईसीसी ने कहा, ”अगर गलत कामों का वास्तव में कोई सबूत है तो क्या मोदी सरकार इतनी अक्षम है कि वह दोषियों पर अभियोजन नहीं चलवा सकती. एक मजबूत प्रधानमंत्री जिसका काम बोलता है और ऐसा प्रधानमंत्री जो बात करने में इतना व्यस्त है कि काम भूल जाता है, के बीच फर्क है.”

कांग्रेस और भाजपा के बीच लंदन में रॉबर्ट वाड्रा के बेनामी संपत्ति खरीदने को लेकर जारी आरोप-प्रत्यारोप के बीच कांग्रेस की तरफ से यह हमला हुआ है. वाड्रा की सास और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने दावा किया कि देश को ”कांग्रेस मुक्त” बनाने के लिए मोदी सरकार एक षड्यंत्र के तहत हर दिन गलत आरोप लगाती है.

वाड्रा के कानूनी फर्म ने उनके खिलाफ आरोपों से इंकार किया है. कांग्रेस ने आज आरोप लगाया कि सरकार ”नागरिक स्वतंत्रता के खात्मे, छात्रों पर हमले, किसान विरोधी, दलित विरोधी और खराब आर्थिक नीति” के खिलाफ सभी विरोध को कुचलना चाहती है जो भारत को ”अनिश्चितता और अंधकार युग” में ले जा रहे हैं.

कहा जाता है कि अगस्तावेस्टलैंड मामले में ”पाया गया” कि संचालन बदलाव अटल बिहारी वाजपेयी के प्रधानमंत्री रहने के दौरान हुआ था. पार्टी ने कहा, ”यहां तक कि रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर को इस मुद्दे पर तुरंत कदम वापस खींचने पड़े थे और कहा कि ‘कांग्रेस के खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं है’.” वेबसाइट पर पार्टी ने ”प्रधानमंत्री मोदी के लिए मेक इन इंडिया का मतलब विपक्ष के खिलाफ कहानी गढ़ना है” विषय से लेख लिखा है.

मोदी सरकार के किसी भी आरोप के सही साबित होने पर सवाल खड़े करते हुए इसने कहा, ”नेशनल हेराल्ड का मामला लीजिए या अगस्तावेस्टलैंड का — हल्लाबोलो के बाद सभी मामलों में सरकार ने चुपचाप अपना रूख बदल लिया.”

कांग्रेस ने पूछा कि अगर सरकार के आरोपों में थोड़ा भी दम होता तो क्या वे कांग्रेस नेताओं पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई नहीं करते.

वेबसाइट पर लिखा गया है, ”उन्होंने ऐसा नहीं किया क्योंकि सभी आरोप निराधार हैं. वे आरोप गढ़ रहे हैं और प्रधानमंत्री मोदी निकट भविष्य में भी आरोप गढ़ते रहेंगे जिसका एकमात्र उद्देश्य आर्थिक विफलताओं से लोगों का ध्यान भटकाना है.”

इसने कहा कि मई 2014 में मोदी को भारत को नई ऊंचाईयों पर ले जाने का बड़ा अवसर मिला. पार्टी ने कहा कि उन्होंने इस मौके को ”काम के बजाए अत्यधिक प्रचार और गलत आरोप लगाकर सभी विरोधी स्वर को दबाने में गंवा दिया.”

वेबसाइट ने दावा किया कि मोदी की रणनीति है कि कांग्रेस के प्रति मीडिया में ”मनगढ़ंत कहानियां’ बनाकर नकारात्मक प्रचार किया जाए और सरकारी कामों के प्रति सकारात्मक प्रचार किया जाए ”जो कभी हुए ही नहीं.”

लेख में कहा गया है, ”भाजपा मीडिया में चुनिंदा लीक के माध्यम से और मनगढ़ंत आधी-अधूरी कहानियां बनाकर गंदे तरीके से कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पर हमला कर रही है.”

इसने कहा, ”हाल का मामला इशरत जहां फर्जी मुठभेड़ का है जहां केंद्रीय मंत्रियों ने सार्वजनिक बयान देकर कहा कि गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी को ‘गलत तरीके से निशाना बनाने’ में श्रीमती गांधी की ‘संलिप्तता’ के संकेत मिलते हैं.”

पार्टी ने कहा, ”कांग्रेस के वरिष्ठ नेतृत्व के खिलाफ उन्होंने निंदा अभियान चलाया और इस बात पर गौर नहीं किया कि दो अदालतों ने पाया है कि इशरत जहां को जिस मुठभेड़ में मारा गया था वह ‘फर्जी’ थी.”

इसने कहा, ”मजिस्ट्रेट की जांच में पाया गया कि इशरत निर्दोष थी और इसलिए मारी गई कि वह मुस्लिम थी और आतंकवादी होने के गुजरात पुलिस के विचार के माकूल थी.”

पार्टी ने कहा कि अब गृह मंत्रालय ने भी आरटीआई के जवाब में पाया कि ”इस तरह के सबूत नहीं हैं कि सोनिया ने गृह मंत्रालय में हस्तक्षेप किया.” इसने आरोप लगाए, ”भाजपा एक ऐसी पार्टी है जो नये आरोप गढ़ती है जिसे वे कुछ हफ्ते तक जारी रखते हैं और फिर आगे बढ़ जाते हैं.”

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