परिवार में आग लगाने के बाद भी मुख्यमंत्री बनने की हसरत नहीं पूरी कर पाए शिवपाल

Dec 31, 2016
परिवार में आग लगाने के बाद भी  मुख्यमंत्री  बनने की हसरत नहीं पूरी कर पाए शिवपाल
परिवार में आग लगाकर यूपी के सीएम की कुर्सी हथियाने में जुटे शिवपाल फिर फेल हो गए। छह महीने के भीतर उनकी तीसरी साजिश परवान नहीं चढ़ सकी। उल्टे विधायकों के जुटाने के शक्ति प्रदर्शऩ में अखिलेश के जीत जाने से शिवपाल की हैसियत पार्टी में और घट गई है।  जून से ही अखिलेश की टांग खिंचाई में जुटे शिवपाल इस बार तो मुलायम सिंह के जरिए पार्टी से भी बाहर निकलवाने में सफल हो गए। जब समझा जा रहा था कि वे बस मुख्यमंत्री बनने ही वाले हैं कि फिर से अखिलेश ने विधायकों को अपने पाले में जुटाकर उन्हें बौना साबित कर दिया।
कब-कब सपा में हुई लड़ाई
– 14 अगस्त को शिवपाल सिंह यादव ने समाजवादी पार्टी छोड़ने की धमकी दी।
– 15 अगस्त को मुलायम सिंह यादव बोले-अगर शिवपाल ने पार्टी छोड़ी तो टूट जाएगी।
– 12 सितंबर में अखिलेश ने खनन मंत्री गायत्री प्रसाद को हटाया तो कलह और तेज हो चली
– 13 सितंबर को मुलायम सिंह ने शिवपाल को यूपी प्रभारी नियुक्त किया।
– 13 सितंबर को अखिलेश ने शिवपाल के तीन अहम विभाग छीन लिए।
– 13 सितंबर को ही अखिलेश ने शिवपाल के करीबी समझे जाने वाले चीफ सेक्रेटरी दीपक सिंहल को हटा दिया।
– 15 सितंबर को मुलायम ने अखिलेश और शिवपाल के साथ बंद कमरे में बातचीत की।
– 17 सितंबर को अखिलेश, शिवपाल के घर पहुंचे और पार्टी में फूट से इंकार किया।
– 18 सितंबर को शिवपाल को एक बार फिर सभी छीने गए मंत्रालय वापस मिल गए।
– 19 सितंबर को शिवपाल ने पार्टी के राज्य अध्यक्ष की हैसियत से 7 अखिलेश समर्थकों को पार्टी से निष्कासित कर दिया।
– 26 सितंबर को गायत्री प्रजापति की दोबारा अखिलेश की कैबिनेट में एंट्री।
– 27 सितंबर को अखिलेश ने पार्टी से निकाले गए युवा नेताओं का पक्ष लिया।
– 3 अक्तूबर को अमरमणि त्रिपाठी को टिकट देने पर अखिलेश की नाराजगी देखी गई।
– 6 अक्तूबर को मुख्तार अंसारी की पार्टी के सपा में विलय के बाद भी अखिलेश नाराज दिखाई दिए।
– 13 अक्तूबर को अखिलेश ने कहा कि वो अकेले चुनाव प्रचार कर सकते हैं।
– 14 अक्तूबर को मुलायम सिंह यादव ने कहा कि चुनावों के बाद सीएम, विधायकों के द्वारा चुना जाएगा।
– 23 अक्तूबर को अखिलेश ने शिवपाल समेत कुछ अन्य मंत्रियों को बरखास्त कर दिया।
– 28 दिसंबर को सपा सुप्रमों मुलायम सिंह यादव ने पार्टी के उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की
-29 दिसंबर को सीएम अखिलेश यादव ने अपने समर्थक मंत्रियों और विधायकों वाली उम्मीदवारों की अलग सूची जारी की। इसके सिर्फ 2 ही घंटे बाद शिवपाल यादव ने भी 68 उम्मीदवारों की एक नई सूची जारी कर दी।
-30 दिसंबर को लखनऊ में कई दौर की बैठकों के बाद मुलायम ने कारण बताओ नोटिस जारी करने के बाद अखिलेश यादव और रामगोपाल यादव को छह साल के लिए पार्टी से बाहर किया
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