विरोध के बाद भारत ने रद्द किया ईसा का वीजा

Apr 25, 2016

चीन के विरोध के बाद भारत ने विश्व उइगर कांग्रेस के नेता डोल्कन ईसा का वीजा रद्द कर दिया है.

सूत्रों के अनुसार सरकार की ओर से कहा गया है कि ईसा के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी है, इसलिए वीजा रद्द किया जा रहा है. ईसा को टूरिस्ट वीजा दिया गया था.

ईसा अमरीकी संगठन इनिशटिव्स ऑर चाइना की ओर से आयोजित होने सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए भारत आने वाले थे. ईसा एक प्रेस कांफ्रेस में शामिल होने के लिए धर्मशाला आने वाले थे. ईसा अभी जर्मनी में रहते हैं.

इससे पहले चीन ने ईसा को वीजा देने पर नाराजगी जताई थी. चीन ने कहा था कि वह आतंकवादी है और उसके खिलाफ इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया है. इसलिए सभी देशों की जिम्मेदारी बनती है कि उसे कानून के हवाले किया जाए.

गौरतलब है कि चीन ने जैश ए मोहम्मद के सरगना और पठानकोट हमले के मास्टर माइंड मौलाना मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र में आतंकी करार देने की भारत की कोशिशों में अड़ंगा लगाया था.

कहा जा रहा है कि भारत ने इसी का बदला लेने के लिए ईसा को वीजा दिया था. हालांकि अब इस वीजा को रद्द कर दिया गया है.

भारत ने पाकिस्तान की बलूच नेशनलिस्ट लीडर नीला कादरी को भी वीजा दिया था. कनाडा में मौजूद इंडियन एंबेसी ने उन्हें वीजा जारी किया था. इस पर पाकिस्तान ने भी एतराज जताया था. नीला कादरी पाकिस्तान विरोधी है और बलूचिस्तान में रहने वाले लोगों के साथ हो रही नाइंसाफी के खिलाफ आवाज उठाती है. कादरी कनाडा में रहती हैं.

हाल ही में पाकिस्तान ने भारतीय नौ सेना में काम कर चुके कुलभूषण जाधव को गिरफ्तार कर उसे रॉ का जासूस बताया था तब नीला ने इसका विरोध किया था. उन्होंने पाकिस्तान के आरोपों को गलत बताया था. नीला कादरी कहती रही है कि पाकिस्तान की आईएसआई भारत में अशांति फैला रही है.

म्यूनिख के रहने वाले ईसा को 1990 में जर्मनी ने शरण दी थी. ईसा के मुताबिक भारत ने उसे इलेक्ट्रॉनिक वीजा दिया था. ईसा पर चीन के शिजिंयांग प्रांत में आतंकी घटनाओं में शामिल होने और लोगों की हत्या की साजिश रचने का आरोप है. वह 1997 से इंटरपोल की लिस्ट में है.
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