आखिर बंटवारा क्यों हुआ, क्यों कत्ल-ओ-गारद हुए, क्यों अपने ही बेगाने हो गए

Aug 15, 2017
आखिर बंटवारा क्यों हुआ, क्यों कत्ल-ओ-गारद हुए, क्यों अपने ही बेगाने हो गए

बॉलीवुड में अपनी फिल्म ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ से पहचान बनाने वाली अभिनेत्री हुमा कुरैशी ने कहा कि, फिल्मों के लिये ऑडिशन देने में उन्हें कभी शर्म नहीं आई। अपनी नाई फिल्म ‘पार्टिशन 1947’ में मुख्य भुमिका निभा रही हुमा ने बताया कि, इस फिल्म से पहले गुरिंदर से उनकी कभी मुलाकता नहीं हुई थी और यह किरदार एक कास्टिंग डायरेक्टर के जरीये उन्हें मिला।

पाकिस्तान से भी बॉलीवुड अभिनेत्री हुमा कुरैशी का गहरा रिश्ता है। और उनके इस रिश्ते में दर्द छुपा हुआ है। आपको बता दें कि हुमा के परिवार ने भी भारत विभाजन का दर्द झेला है। हुमा का आधा परिवार पाकिस्‍तान में ही रह गया था। उन्होंने बताया कि, उनके दादा फरूखद्दीन कुरैशी का जन्म अविभाजित भारत में हुआ था। 1947 में विभाजन के बाद दादाजी की दो बहनें पाकिस्तान में रह गईं और दादाजी दिल्ली आ गए।

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हुमा कहती हैं कि दोनों मुल्कों के बीच खिंची लकीर ही अवाम की तकदीर बन गई। विभाजन का दर्द आज भी दोनों मुल्कों में बसे लोगों को टीस देता है। वह सोचते हैं कि आखिर बंटवारा क्यों हुआ, क्यों कत्ल-ओ-गारद हुए, क्यों अपने ही बेगाने हो गए?

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