ADR रिपोर्ट: चौकीदार बनकर आए पीएम मोदी के राज में BJP बनी सबसे अमीर पार्टी, कांग्रेस दूसरे स्थान पर

Oct 18, 2017
ADR रिपोर्ट: चौकीदार बनकर आए पीएम मोदी के राज में BJP बनी सबसे अमीर पार्टी, कांग्रेस दूसरे स्थान पर

गरीब, मजदूर, किसान की बातें कर सत्ता हासिल करने वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) इन गरीब, मजदूर, किसान के जीवन में तो कुछ बदलाव नहीं कर पाई लेकिन अपने संपत्ति के आंकड़ों में जादुई बदलाव जरूर कर लिया हैं। क्योंकि एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) के अनुसार केंद्र समेत देश के राज्य में सत्तासीन बीजेपी देश की सबसे धनी पार्टी बन गई है।

बता दें कि सोमवार को एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) द्वारा जारी की गई एक रिपोर्ट में कहा गया है कि सत्तारूढ़ बीजेपी भारत के सात राष्ट्रीय दलों में सबसे अमीर पार्टी है। जारी की गई इस रिपोर्ट के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2004-05 के दौरान बीजेपी ने 122.93 करोड़ की संपत्ति की घोषणा की थी जो 2015-16 में 627.15% बढ़कर 893.88 रूपए हो गई। जबकि 759 करोड़ के साथ कांग्रेस दूसरे स्थान पर है।

एडीआर की रिपोर्ट के अनुसार इन दोनों पार्टियों के बाद बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के 557 करोड़ रुपये और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के 432 करोड़ रुपये का नंबर आता है। दूसरी तरफ पिछले 11 सालों में कांग्रेस के 169% के मुकाबले बीजेपी की संपत्ति में 700% की वृद्धि हुई है। एडीआर नेशनल कोऑर्डिनेटर अनिल शर्मा ने कहा कि सीपीआई (एम) की परिसंपत्तियों का कुल मूल्य 383.47 प्रतिशत की वृद्धि दर से बढ़ा है, जो 90.55 करोड़ रुपए था और अब यह 437.78 करोड़ रुपए हो गया है। उन्होंने बताया कि सीपीआई की संपत्ति के मूल्य में वृद्धि सबसे कम है, जो 5.56 करोड़ रुपए से 10.18 करोड़ रुपए हुई है।

वर्मा ने कहा, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की परिसंपत्तियों का मूल्य 43.09 करोड़ रुपए से 559.01 करोड़ रुपए बढ़ गया है और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की बढ़ोतरी 1.6 करोड़ रुपए से 14.54 करोड़ रुपए हुई है। उन्होंने आगे बताया कि ‘अन्य परिसंपत्तियों’ के तहत की जाने वाली घोषणाओं को आसानी से जांच नहीं की जा सकती है। और “जबकि विवरण अचल संपत्ति, ऋण और अग्रिम, एफडीआर / जमा, टीडीएस और निवेश के तहत विशिष्ट हैं, विवरण ‘अन्य परिसंपत्तियों’ शीर्षक के तहत संपत्ति के बारे में जानकारी उपलब्ध नहीं हैं।”

जहाँ 2012-13 में बीजेपी की कुल संपत्ति 464 करोड़ रुपये थी। जोकि अगले साल बढ़कर 781 करोड़ रुपये हो गई, उसके बाद 2015-16 में 894 करोड़ रुपये हो गई। लेकिन दूसरी और पिछले आम चुनावों के बाद कांग्रेस की संपत्ति में कमी देखने को मिली है। 2013-14 में कांग्रेस की कुल संपत्ति 767 करोड़ थी जो 2014-15 में कम होकर 702 करोड़ हो गई।

इन आंकड़ों के सामने आने के बात सबसे ज्यादा हैरानी वाली बात ये है कि देश पिछले 11 सालों में जहां था आज भी लगभग वहीं है सिवाए जनसंख्या के आकड़ों के इस देश में ऐसा कुछ नहीं बदला जिसे बदलाव कहा जा सके। लेकिन इन 11 सालों में हमारी राजनीतिक पार्टियों को ज़रूर फायदा मिला है।

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