#हाशिम_अंसारी को आचार्य ज्ञानदास तथा आचार्य सत्येंद्र दास श्रद्धांजलि देते हुए

Jul 21, 2016

फैज़ाबाद( अयोध्या ) । पूरी दुनिया में मंदिर मस्जिद के झगड़े को लेकर हिंदू मुसलमानों मे गहरी खाई खोदने वाले अयोध्या के विवादित राम मंदिर बाबरी मस्जिद प्रकरण के मुख्य मुद्दई हाशिम अंसारी के निधन के बाद अयोध्या में गंगा जमुनी तहजीब और आपसी प्रेम और भाईचारे की ऐसी तस्वीर सामने आई जिसे देख कर हर किसी की आंखे भर आई । बुधवार की सुबह 5:30 बजे जब बाबरी मस्जिद मामले के मुख्य पक्षकार हाशिम अंसारी ने अपने आवास पर अंतिम सांसे ली तो उनके परिवार और स्थानीय लोगों के बाद हाशिम अंसारी को श्रद्धांजलि देने वाले प्रमुख लोगों में सबसे पहले अयोध्या के साधू संत ही पहुंचे । श्री राम जन्मभूमि के मुख्य अर्जक आचार्य सत्येंद्र दास ने हासिम अंसारी के आवास पर पहुंचकर उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की । वहीँ सुबह 8:00 बजे अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और हनुमानगढ़ी के महंत ज्ञानदास ने हाशिम अंसारी अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की ।

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अयोध्या के विवादित स्थल पर लंबे समय से चल रहे हैं मंदिर मस्जिद के झगड़े को सुलझाने के लिए बाबरी मस्जिद के मुख्य मुद्दई हाशिम अंसारी के साथ मिलकर सुलह समझौते की रेल चलाने वाले महंत ज्ञानदास हाशिम के निधन पर बेहद भावुक हो उठे । हाशिम अंसारी के पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए महंत ज्ञानदास अपने आंसुओं को रोक नहीं सके और फफक कर रोने लगे । महंत ज्ञानदास ने कहा हाशिम का सपना अधूरा रह गया मेरा एक साथी मुझसे बिछड़ गया उनकी इच्छा थी अयोध्या के विवाद का हल हो लेकिन ऐसा हो न सका आज जो नुकसान अयोध्या का हुआ है उसकी भरपाई नहीं हो सकती ।

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हाशिम अंसारी के निधन पर बेहद भावुक हो उठे महंत ज्ञानदास ने हाशिम अंसारी के बेटे इकबाल अंसारी को सांत्वना देते हुए कहा कि उनके पिता ने जो मुहीम शुरू की थी उसको पूरा कर अयोध्या विवाद का हल करना ही हाशिम अंसारी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी । महंत ज्ञान दास ने कहा कि अब हाशिम अंसारी के परिवार की ज़िम्मेदारी मेरी है जब भी कभी हाशिम अंसारी के परिवार को किसी भी चीज की जरुरत होगी यह कोई भी विपत्ति हाशिम के परिवार पर आएगी तो सबसे पहले महंत ज्ञानदास उसका सामना करेंगे हाशिम मेरे मित्र थे इसलिए अब उनके परिवार की जिम्मेदारी मेरी बनती है ।
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