हर साल गढ़ीमाई उत्सव में बलि देकर करीब 5072 भैंसों को काट डाला जाता है

Apr 17, 2017
हर साल गढ़ीमाई उत्सव में बलि देकर करीब 5072 भैंसों को काट डाला जाता है

जी हां आज हम आपको दुनिया की ऐसी कुछ परंपराओं के बारे में बताने जा रहे हैं। जबकि आज 21वीं सदी चल रही है लेकिन आज भी बहुत ज्यादा लोग इन परंपराओं पर चल रहे हैं। पशुओं की बलि देना नेपाल में हर साल गढ़ीमाई उत्सव में करीब 5072 भैंसों को काट डाला जाता है। यह परंपरा ढाई सौ से अधिक वर्षों से जारी है माना जाता है कि भैंसों की बलि से गढ़ी माई देवी खुश होकर हमको आशीष देती है। शोक जताने के लिए काट लेती है उंगलिया इंडोनेशिया के इस कबिले में परिवार में किसी की मौत होने पर महिलाएं शोक जताने के लिए अपनी उंगली को काट लेती है।

बूढ़ों को छोड़ देते हैं बर्फ में मरने के लिए दक्षिणी ध्रुव में चारों तरफ बर्फ ही बर्फ होने के कारण वहां रहने वाले एस्किमो कहलाते हैं। इनमें एक अजीब परंपरा है यह लोग अपने परिवार के बुजुर्ग सदस्य को बर्फ के एक टुकडे पर बैठाकर अकेला छोड़ देते हैं उसके साथ खाना पीना का कोई समान नहीं रखा जाता है। इस तरह बुजुर्ग की भूख से अधिक ठंड से मौत हो जाती है कि वह लोग मानते हैं कि अगले जन्म की और यात्रा का एक हिस्सा है इससे परिवार का कोई दबाब भी नहीं पड़ता।

लाइक करें:-
कमेंट करें :-
 

संबंधित ख़बरें

वायरल वीडियो

और पढ़ें >>

मनोरंजन

और पढ़ें >>
और पढ़ें >>