सुल्तानपुर एक्सप्रेस ट्रेन में हुआ महिला के साथ दर्दनाक हादसा, टॉयलेट काट कर निकाला गया बाहर

Jan 12, 2018
सुल्तानपुर एक्सप्रेस ट्रेन में हुआ महिला के साथ दर्दनाक हादसा, टॉयलेट काट कर निकाला गया बाहर

भारत में रेल सेवा को शुरू हुए सदियाँ बीत चुकी है लेकिन आज भी रेलवे में रोजाना मूलभूत सुविधाओं की कमी रहती है। इसी के चलते हर आए दिन कोई न कोई घटना होती रहती है। एक ऐसी ही घटना अहमदाबाद से सुल्तानपुर जा रही एक सुपर फास्ट ट्रेन में हुई। जब सफर के दौरान एक महिला अपने बेटे को शौचालय में लेकर गई। तभी अचानक ट्रेन के झटके को लेकर उसका एक पैर पॉट के पाइप में फंस गया। बहुत कोशिश के बाद भी महिला अपने पैर को निकालने में सफलनहीं हो पाई।

बता दें कि मिली जानकारी के मुताबिक अमेठी जिले के के रहने वाले राजेंद्र कुमार और उनकी पत्नी 24 वर्षीय राजरानी अहमदाबाद से ट्रेन में सवार होकर अमेठी के लिए निकली थी। वो लोग बरेली तक सुरक्षित पहुंच गए। लेकिन जब बरेली से ट्रेन रवाना हुई तो रास्ते में राजेंद्र के बेटे वरुन को टॉयलेट जाने की जरुरत पड़ी। राजरानी अपने बच्चे को लेकर टॉयलेट पहुंचीं तो वहां उनका बायां पैर फिसल गया और शौचालय के पाइप में फंस गया। महिला ने पहले तो अपने आप बहुत कोशिश की की किसी तरह से वो अपने पैर को बहार ला सके मगर ऐसा नहीं हो सका और वो दर्द से चिल्लाने लगी। ये देख एक महिला शौचालय की तरफ आई। जहाँ उसने महिला को इस हाल में देखा। जिसके बाद इसकी जानकारी उसके पति को दी गई। उसके पति ने किसी तरह से उसका एक पैर बहार निकालने में कामियाब हो गया था।

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उस वक्त महिला दर्द से कराह रही थी। ये देख यात्रियों ने इस घटना की जानकारी टीटी को दी। जिसके बाद लोगों ने ट्रेन की चेन पुलिंग कर बीच में रुकवाया और कंट्रोल रूम को जानकारी दी गई। ये देखकर रेल प्रशासन में अफरा-तफरी मच गयी। किसी तरह कंट्रोल की सूचना पर ट्रेन को बुधवार दोपहर 12:25 बजे शाहजहांपुर प्लेटफार्म नंबर एक पर रोका गया। यहां बोगी के नीचे से शौचालय का पाइप गैस कटर से काटा गया। तब उसका पैर निकल पाया।

ऐसा बताया जा रहा है कि पहले शौचालय के पाइप को लोहे के ब्लेड से काटने की कोशिश हुई लेकिन पाइप मोटा होने की वजह से उसमें समय लग रहा था। इसके बाद ऑक्सीजन गैस सिलेंडर व एलपीजी गैस सिलेंडर लगाकर पाइप को काटने की कोशिश हुई लेकिन इस तरह से पाइप काटने के दौरान महिला का पैर जल जाने की आशंका होने लगी थी। तब फिर बिजली कनेक्शन के जरिये वेल्डर अफरोज ने कटिंग मशीन से पाइप को काटा। और उसके पैर को बहार निकाला।

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महिला के पति राजेंद्र कुमार ने रेल अधिकारियों, आरपीएफ व जीआरपी क एसओ को बताया कि अहमदाबाद में थाना काड़वा में मैडोगर आश्रम है। वह अपनी पत्नी व बेटे के साथ आश्रम में काम करता है। उसका काम है कि जो बाहर से लोग आते हैं, उनकी सेवा करना। वह छह माह से आश्रम में काम करता है। वह अपने घर निहालगढ़ जा रहा था।

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