9वीं कक्षा की बच्ची का भाषण सुनकर मुख्यमंत्री की आंखों में छलके आंसू

Jun 10, 2016

गुजरात की मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल कन्या भ्रूण हत्या के मुद्दे पर एक 9वीं कक्षा की बच्ची का भाषण सुनकर अपने आंसू नहीं रोक पाईं.

आनंदीबेन गुरुवार को खेड़ा जिले की महुधा तहसील के हरेज प्राइमरी स्कूल के कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंची थीं. यहां 9वीं कक्षा की छात्रा अंबिका गोहेल ने अपने भाषण में एक सांकेतिक पत्र पढ़ा, जिसमें एक अजन्मी बच्ची अपनी मां से उसे इस दुनिया में आने देने की गुजारिश करती है. अंबिका के भाषण को सुनकर वहां मौजूद सभी लोगों का दिल पसीज गया और मुख्यमंत्री की आंखों से भी आंसू छलक पड़े.

अंबिका ने अपने भाषण में कहा, “पुराने समय में बेटियों को अशुभ माना जाता था, पर आज भी मानसिकता में बदलाव नहीं आया है. पर मां, आज तू मुझे थोड़ा सुन ले… तूने मुझे दुनिया में आने से पहले ही मुझे खुद से और दुनिया से दूर कर दिया. तब तुझे जरा भी इस बात का खयाल नहीं आया कि एक जन्म होने जा रहा था. 84 लाख योनियों में भटकने के बाद मुझे ये मौका मिलने वाला था. लेकिन तूने एक ही पल में इसे छीन लिया. मुझे इस दुनिया को देखना था, जानना था. लेकिन तूने अपने सुख की खातिर मेरी ये सभी उम्मीदें तोड़ दीं. बेटा ही सब कुछ होता है..? क्या बेटी तुलसी की क्यारी नहीं होती..? पर आज तो सभी के लिए बेटी बोझ का पर्याय ही है..”

अपने भाषण के दौरान अंबिका फूट-फूटकर रोने लगी और कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों का दिल पसीज गया. अंबिका का भाषण सुन मुख्यमंत्री भी भावुक हो गईं. उन्होंने छात्रा को अपने पास बुलाकर उसे सीने से लगा लिया. उन्होंने अंबिका के आंसू पोछे और उसे चुप कराया फिर उससे बातें भी कीं.

इसके बाद कार्यक्रम में आए लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अभिभावकों को बेटों और बेटियों में कोई फर्क नहीं करना चाहिए. छोटी-छोटी बच्चियों में काफी प्रतिभा है. बेटियों को पढ़ने देना चाहिए.

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