7वें वेतन आयोग की सिफारिशें 29 को हो सकती है लागू

Jun 28, 2016

आने वाले चार राज्यों के विधानसभा चुनावों को देखते हुए केंद्र सरकार आगामी 29 जून को सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने का निर्णय ले सकती है.

29 जून को होने वाली कैबिनेट की बैठक के लिए वित्तमंत्री अरुण जेटली को चीन से एक दिन पहले ही बुलाया गया है. केंद्रीय कर्मचारियों को वेतन आयोग की सिफारिश से ज्यादा मिल सकता है. कर्मचारी संगठनों ने कम से कम 30 प्रतिशत वेतन बढ़ाने की मांग की है. वेतन आयोग ने साढ़े 23 प्रतिशत इजाफे की सिफारिश की है जिसपर कर्मचारी नाराज हैं.

आगामी 11 जुलाई से केंद्रीय कर्मचारियों ने हड़ताल पर जाने की घोषणा की है. उत्तर प्रदेश समेत पंजाब, मणिपुर, उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव होने हैं. उत्तर प्रदेश के चुनाव समय से पहले हो सकते हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए उत्तर प्रदेश चुनाव प्रतिष्ठा का प्रश्न बना है. वित्त मंत्री जेटली अपने चीन दौरे में एक दिन की कटौती कर बीती रात स्वदेश लौट आए. जेटली का पांच दिवसीय चीन दौरा गत 24 जून को आरंभ हुआ था और उनका चीनी वित्त मंत्री लोउ जिवेई से सोमवार को मिलने का कार्यक्र म था, लेकिन यह मुलाकात कल ही हो गई. उनके अन्य कार्यक्र मों में राष्ट्रीय विकास एवं सुधार आयोग के प्रमुख शू शाओशी तथा पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना के गवर्नर झोउ शियाओचियान से मुलाकात भी शामिल थी. ये मुलाकात सोमवार को होनी थी. ये बैठकें भी पहले ही हो गईं जिससे वह बीती रात भारत लौट आए.

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सूत्रों का कहना है कि जेटली को कैबिनेट की बैठक में शामिल होने के लिए बुलाया गया है, क्योंकि वेतन आयोग का प्रस्ताव वित्त मंत्रालय ने तैयार किया है और वित्तमंत्री को ही उसे पेश करना है, इसलिए उन्हें पहले बुलाया गया है ताकि 29 की बैठक में उनका प्रस्ताव पेश किया जा सके. कैबिनेट सचिव पीके सिन्हा की अध्यक्षता वाली समिति ने वेतन आयोग की सिफारिशों पर अपनी रपट दे दी है. वित्त सचिव अशोक लवासा ने कहा, सचिवों की समिति ने वेतन आयोग की सिफारिशों पर अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप दे दिया है.

हम जल्दी ही रिपोर्ट के आधार पर मंत्रिमंडल नोट का मसौदा जारी करेंगे. सरकार ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों पर गौर करने के लिए जनवरी में मंत्रिमंडल सचिव की अध्यक्षता में एक उच्च अधिकार प्राप्त समिति गठित की थी. इसके लागू होने से केंद्र सरकार के करीब 50 लाख कर्मचारियों तथा 58 लाख पेंशनभोगियों को लाभ होगा. वेतन आयोग ने वेतन-भत्तों तथा पेंशन में में 23.55 प्रतिशत वृद्धि की सिफारिश की थी. इससे सरकारी खजाने पर 1.02 लाख करोड़ रु. या जीडीपी का करीब 0.7 प्रतिशत का बोझ पड़ेगा. समिति ने मूल वेतन में 14.27 प्रतिशत वृद्धि की सिफारिश की है जो 70 साल में सबसे कम है.

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इससे पहले, छठे वेतन आयोग ने 20 प्रतिशत वृद्धि की सिफारिश की थी जिसे सरकार ने 2008 में क्रि यान्वयन के समय दोगुना कर दिया था. कुल 23.55 प्रतिशत वृद्धि में भत्तों में बढ़ोतरी भी शामिल है. आयोग की रपट में शुरुआती वेतन मौजूदा 7,000 से बढ़ाकर 18,000 रु. मासिक करने जबकि अधिकतम वेतन जो मंत्रिमंडल सचिव का है, मौजूदा 90,000 से बढ़ाकर 2.5 लाख रु करने की सिफारिश की गई है. सूत्रों ने कहा कि सचिवों की समिति अधिक वेतन की सिफारिश कर सकती है. इसमें न्यूनतम शुरुआती वेतन 23,500 तथा अधिकतम वेतन 3.25 लाख रु हो सकता है. अधिकारियों ने कहा कि इस साल के बजट में इसके लिए 70,000 करोड़ रु का प्रावधान किया गया है.

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