25 भारतीय छात्रों को नाकारा बताकर, अमेरिकी यूनिवर्सिटी ने बहार निकाला

Jun 08, 2016

अमेरिका की वेस्टर्न केंटकी यूनिवर्सिटी में इसी साल कम्प्यूटर साइंस प्रोग्राम में दाखिला लेने वाले 25 भारतीय छात्रों को नाकारा बताकर निकाल दिया है.

यूनिवर्सिटी ने इन छात्रो को दूसरे संस्थानों में दाखिला लेने या फिर भारत लौट जाने का फरमान सुनाया है. यूनिवर्सिटी ने इन छात्रों पर दाखिला के मानकों पर खरे नहीं उतरने का आरोप लगाया है.

गौरतलब है कि इसी साल जनवरी महीने में अंतरराष्ट्रीय रिक्रूटरों की मदद से केंटकी यूनिवर्सिटी में 60 भारतीय छात्रों को कंप्यूटर साइंस में दाखिला मिला था. वेस्टर्न केंटकी यूनिवर्सिटी के कंप्यूटर साइंस प्रोग्राम के अध्यक्ष जेम्स गैरी ने कहा कि करीब 40 छात्र उनके प्रवेश मानकों पर खरे नहीं उतरे, जबकि यूनिवर्सिटी की ओर से उन्हें मदद भी उपलब्ध कराई गई थी.

गैरी की मानें तो इन 25 छात्रों को प्रोग्राम में बनाए रखना एक गलती के बाद दूसरी गलती करने जैसा होगा, क्योंकि वे कम्प्यूटर प्रोग्राम तक नहीं लिख सकते, जो उनके पाठ्यक्रम का बेहद जरूरी हिस्सा है और अमेरिका में स्नातकों को सिखाया जाता है. इन छात्रों का दाखिला भारत में एक प्रवेश अभियान चलाकर किया गया था, जिसके तहत रिक्रूटरों ने विज्ञापनों में ‘स्पॉट एडमिशन’ तथा फीस में छूट की पेशकश भी दी थी.

वहीं यूनिवर्सिटी ने भारत में जारी रिक्रूटमेंट प्रक्रिया में बदलाव कर दिया है. अब एडमिशन के दौरान यूनिवर्सिटी के कम्प्यूटर साइंस विभाग के सदस्य भी भारत जाएंगे, ताकि प्रवेश को मंजूरी दिए जाने से पहले वे छात्रों से मिल सकें.

यूनिवर्सिटी में इंडियन स्टूडेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष आदित्य शर्मा ने कहा कि भारत से अमेरिका पहुंचे इन 25 छात्रों के साथ जो हुआ वो बेहद ही हैरान करने वाला है. उन्होंने साथ ही कहा कि कुछ छात्र अपनी पढ़ाई पर ध्यान नहीं देते जिससे इस तरह के मामले सामने आते हैं.

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