सीआरपीएफ के 2 शहीदों का हिमाचल में राजकीय सम्मान के साथ अंत्येष्टि

Apr 26, 2017
सीआरपीएफ के 2 शहीदों का हिमाचल में राजकीय सम्मान के साथ अंत्येष्टि

छत्तीसगढ़ के सुकमा में नक्सली हमले में शहीद हुए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के दो जवानों का मंगलवार को हिमाचल प्रदेश स्थित उनके पैतृक नगरों में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। सीआरपीएफ के सहायक-उपनिरीक्षक संजय कुमार का अंतिम संस्कार कांगड़ा जिले के पालमपुर कस्बे के निकट चेचियन गांव में कर दिया गया। संजय की पुत्री अमीशा शर्मा ने कहा, “मेरे पिता ने देश के लिए अपने प्राणों की आहूति दे दी, लेकिन उन्हें क्या मिला (इस कृत्य से)?”

11वीं कक्षा की छात्रा अमीशा ने श्मशान घाट पर बिलखते हुए संवाददाताओं से कहा कि उनके परिवार को उनके पिता के शहीद होने का केवल एक फोन कॉल मिला।

बीते 27 वर्षो से सीआरपीएफ को अपनी सेवा दे रहे संजय कुमार के परिवार में उनके माता-पिता, पत्नी तथा दो बेटियां हैं।

शहीद के पिता राजेंद्र प्रसाद शर्मा ने कहा, “यह हमारे लिए और देश के लिए गर्व का क्षण है।” राजेंद्र शर्मा खुद सीआरपीएफ को अपनी सेवा दे चुके हैं।

वहीं, सीआरपीएफ के हवलदार सुरेंद्र ठाकुर (32) का भी अंतिम संस्कार मंडी जिले के नेरचौक कस्बे में कर दिया गया।

दो सप्ताह की छुट्टी के बाद उन्होंने 10 अप्रैल को ड्यूटी जॉइन की थी।

उनके परिवार ने कहा कि समाचार चैनलों पर हमले की खबर देखने के बाद उन्होंने उनसे टेलीफोन पर संपर्क करने का प्रयास किया। लेकिन फोन उठाने वाले ने उनके शहीद होने की सूचना दी।

ठाकुर के परिवार में उनकी पत्नी, तीन साल की एक बेटी तथा एक बड़ा भाई एवं मां हैं।

वह साल 2003 में सीआरपीएफ में भर्ती हुए थे और छह वर्षो तक जम्मू एवं कश्मीर में अपनी सेवा दे चुके थे। वह बीते तीन साल से छत्तीसगढ़ में पदस्थापित थे।

हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल आचार्य देवव्रत तथा मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने नक्सली हमले की निंदा की है।

राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता प्रेम कुमार धूमल ने इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए खुफिया तंत्र को मजबूत करने पर बल दिया।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ के सुकमा में सोमवार को नक्सली हमले में सीआरपीएफ के 25 जवान शहीद हो गए।

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