पश्चिम बंगाल में 18 और असम में 65 विधानसभा सीटों पर चल रही है वोटिंग

Apr 04, 2016

पश्चिम बंगाल और असम विधानसभा चुनाव के लिए पहले चरण का मतदान सोमवार को होगा.

जहां पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को वाम मोर्चा-कांग्रेस गठबंधन से कड़ी टक्कर मिल रही है, वहीं तरण गोगोई महत्वपूर्ण पूर्वोत्तर राज्य में सत्ता पर कब्जा बरकरार रखने के लिए भरपूर प्रयास कर रहे हैं.

पश्चिम बंगाल में 18 और असम में 65 विधानसभा सीटों पर सोमवार को मतदान होगा. पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और पुडुचेरी में नयी सरकार चुनने के लिए एक महीने से अधिक समय तक चुनाव प्रक्रिया चलेगी.

जहां पश्चिम बंगाल में छह चरणों में चुनाव होगा, वहीं असम में दो चरणों में चुनाव होगा. पश्चिम बंगाल में सात तारीखों पर मतदान होगा. पहले चरण के तहत दो तारीखों पर मतदान होगा. अगली तारीख 11 अप्रैल की है.

पश्चिम बंगाल के माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में सोमवार को मतदान होगा.

पहले चरण के प्रथम भाग में 133 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. वामपंथी उग्रवाद प्रभावित जिलों पश्चिमी मेदिनीपुर, पुरलिया और बांकुड़ा में मतदान होगा.

18 निर्वाचन क्षेत्रों में से 13 को चुनाव आयोग ने वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित करार दिया है. वहां सुरक्षा कारणों से मतदान शाम चार बजे समाप्त हो जाएगा.

शेष पांच निर्वाचन क्षेत्रों पुरलिया, मानबाजार, काशीपुर, पारा और रघुनाथपुर में शाम छह बजे तक मतदान होगा.

सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस इस बात को रेखांकित कर रही है कि कैसे माओवाद प्रभावित जंगलमहल क्षेत्र में शांति लौट आई है.

साल 2011 के विधानसभा चुनाव से पश्चिम बंगाल में वाम मोर्चा के 34 साल पुराने शासन का अंत हो गया था. कांग्रेस ने पिछली बार तृणमूल कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था. इसबार कांग्रेस ने वाम मोर्चा के साथ गठबंधन किया है.

वाम मोर्चा-कांग्रेस गठबंधन का भाजपा और तृणमूल दोनों मजाक उड़ा रहे हैं.

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस गठबंधन को अपवित्र बताया जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खड़गपुर में एक रैली में इसका मजाक उड़ाते हुए कहा, ‘‘बंगाल में दोस्ती और केरल में कुश्ती.’’

पश्चिम बंगाल विधानसभा में कुल 294 सीटें हैं.

असम में सत्तारूढ़ कांग्रेस, भाजपा-अगप-बीपीएम गठबंधन और एआईयूडीएफ के बीच कांटे का मुकाबला है. राज्य के 126 विधानसभा सीटों में से 65 पर प्रथम चरण के तहत सोमवार को मतदान होगा.

असम में पहले चरण में कुल 539 उम्मीदवार मैदान में हैं.

समूचे राज्य में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. भारत-बांग्लादेश सीमा से लगी बराक घाटी के करीमगंज जिले को सील कर दिया गया है और ऊपरी असम, पहाड़ी जिलों, उत्तरी तटों और बराक घाटी में फैली 65 विधानसभा सीटों में 40 हजार सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है.

पहले चरण में ज्यादातर सीटों पर सत्तारूढ़ कांग्रेस और भाजपा-अगप-बीपीएफ गठबंधन के बीच सीधा मुकाबला है. हालांकि, एआईयूडीएफ ने 27 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं. वहां त्रिकोणीय मुकाबला होने की उम्मीद है.

कांग्रेस पहले चरण में सभी 65 सीटों पर चुनाव लड़ रही है जबकि भाजपा 54 और उसकी गठबंधन सहयोगी अगप 11 और बीपीएफ तीन सीटों पर चुनाव लड़ रही है. एआईयूडीएफ 27, भाकपा और माकपा 10-10 और भाकपा माले (लिबरेशन) छह सीटों पर चुनाव लड़ रही है. गैर मान्यता प्राप्त दलों के भी 60 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं जबकि 13 निर्दलीय भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं.

पहले चरण में कांग्रेस की तरफ से टीटाबोर से मुख्यमंत्री तरण गोगोई, शिबसागर से निवर्तमान विधानसभा के अध्यक्ष प्रणब गोगोई, पूर्व केंद्रीय मंत्री और प्रमुख आदिवासी नेता पबन सिंह घाटोवार चुनाव लड़ रहे हैं.

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