क्या जर्मनी में और हमले हो सकते हैं?

Jul 29, 2016

एक ही सप्ताह के दौरान जर्मनी में चार हिंसक हमले हुए हैं. बंदूक़, बम, कुल्हाड़ी से हुए इन हमलों में दस लोगों की मौत हुई है और दर्जनों लोग घायल हुए हैं.

अधिकारियों के मुताबिक़ इन हमलों में आपस में कोई संबंध नहीं है, लेकिन इससे जर्मनी में लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ गई है.

18 जुलाई, को एक नाबालिग़ अफ़ग़ानी शरणार्थी ने वुर्ज़बर्ग में ट्रेन यात्रियों पर कुल्हाड़ी और चाकू से हमला कर दिया, इसमें पांच लोग घायल हुए. पुलिस की गोली से ये शरणार्थी मारा गया.

22 जुलाई, को ईरानी मूल के जर्मन नाबालिग़ ने म्यूनिख़ में नौ लोगों की हत्या करने के बाद ख़ुद को गोली मार ली.

24 जुलाई को 21 साल के सीरियाई शरणार्थी ने एक ख़ास तरह के भारी भरकम चाक़ू से एक महिला की हत्या कर दी. हिरासत में लिए जाने से पहले उसने पांच अन्य लोगों को घायल कर दिया.

इसी दिन एक अन्य सीरियाई शरणार्थी ने आंसबाख़ के बाहर ख़ुद को विस्फोटकों से उड़ा लिया. इस हमले में 15 लोग घायल हुए.

ये भी पढ़ें :-  वीडियो: 7 वर्षीय बच्ची से रेप और हत्या के बाद भड़का दंगा, विरोध में बेटी के साथ एंकर ने पढ़ी न्यूज

वुर्ज़बर्ग में हुए हमले की ज़िम्मेदारी इस्लामिक स्टेट ने ली है और आंसबाख़ में विस्फोट को अंजाम देने वाले के भी इस्लामिक स्टेट के प्रति प्रतिबद्धता वाले वीडियो मिले.

वैसे जर्मन पुलिस के मुताबिक म्यूनिख़ में गोलीबारी की घटना किसी राजनीति से प्रेरित नहीं थी. पुलिस के मुताबिक़ डेविड अली सोनबोली दूसरी गोलीबारी की घटना से प्रेरित था.

जांचकर्ताओं के मुताबिक़ भारी भरकम चाक़ू से हमला करने वाले सीरियाई शरणार्थी ने आपसी संबंधों के चलते महिला और पांच अन्य लोगों पर हमला किया.

जर्मन सरकार के प्रवक्ता उलरिके डेम्मर ने कहा है कि इन हमलों में कोई आपसी संबंध नहीं है और इससे कोई ख़ास पैटर्न नज़र नहीं आता.

लेकिन रॉयल यूनाइटेड सर्विस इंस्टीच्यूट के राफेलो पंटुकी के मुताबिक़ पहले हमले का अन्य घटनाओं पर शायद असर है.

उन्होंने कहा, “क्या आंसबाख़ का हमलावर इन चीज़ों का इंतज़ार कर रहा था? इन घटनाओं को त्वरित करने वाला कुछ निकल आए तो मुझे अचरज नहीं होगा.”

वैसे म्यूनिख में गोलीबारी करने वाले सोनबोली की दिमाग़ी हालात ठीक नहीं थी. 2015 में वह दो महीने तक मेंटल केयर सुविधा में मरीज रह चुका था और अवसाद से ग्रसित था.

ये भी पढ़ें :-  वीडियो: 7 वर्षीय बच्ची से रेप और हत्या के बाद भड़का दंगा, विरोध में बेटी के साथ एंकर ने पढ़ी न्यूज

आंसबाख़ का आत्मघाती हमलावर भी कुछ दिनों तक मेंटर केयर सुविधा केंद्र में रह चुका था और दो बार ख़ुदकुशी की कोशिश कर चुका था.

भारी चाकू से महिला की हत्या करने वाला शख़्स भी मानसिक रूप से डिस्टर्ब था. पुलिस उसे पहले भी चोरी और ड्रग्स सेवन के आरोप में पकड़ चुकी थी.

जर्मनी में शरणार्थियों का तांता लगा हुआ है, इस पर विवाद भी काफ़ी हुए हैं. हाल में हुई हिंसा की घटनाओं में तीन को शरणार्थियों ने अंजाम दिया है, इसलिए शरणार्थियों को लेकर आलोचना बढ़ी है.

हालांकि जर्मन सरकार इस राय से सहमत नहीं है. सरकार के प्रवक्ता डेम्मर ने कहा, “पिछले महीने यूरोप में हमला करने वालों में अधिकांश शरणार्थी नहीं हैं.”

वहीं पंटुकी के मुताबिक कुछ लोग मनोवैज्ञानिक मुश्किलों का सामना कर रहे होंगे वहीं कुछ लोगों का जुड़ाव आतंकी नेटवर्क से भी हो सकता है.

ऐसे में बड़ा सवाल यही है कि जर्मनी में क्या आने वाले दिनों में और हमले हो सकते हैं?

ये भी पढ़ें :-  वीडियो: 7 वर्षीय बच्ची से रेप और हत्या के बाद भड़का दंगा, विरोध में बेटी के साथ एंकर ने पढ़ी न्यूज

जर्मनी में अभी तक उस तरह का पेरिस या फिर नीस की तरह के बड़े हमले नहीं हुए हैं, लेकिन पंटुकी के मुताबिक इसका मतलब ये नहीं है कि जर्मनी निशाने पर नहीं है.

कुछ चरमपंथियों ने जांचकर्ताओं को बताया कि इस्लामिक स्टेट जर्मनी और ब्रिटेन में अपने लड़ाकों की नियुक्ति करने की कोशिश कर रहा है ताकि इन देशों में और हमले हों.”

अगर ऐसा हुआ तो क्या जर्मनी इससे निपटने के लिए तैयार है?

जर्मनी में अलग अलग क्षेत्रों की अपनी पुलिस और ख़ुफ़िया एजेंसी है. इसके अलावा एक संघीय पुलिस और एजेंसी भी है. जर्मन सरकार इन एजेंसियों के बीच आपसी संवाद को बढ़ाने पर जोर दे रही है.

जर्मन सरकार ख़ुफिया एजेंसी के दायरे को भी विस्तृत करने पर विचार कर रही है, लेकिन इससे संबंधित प्रस्तावित क़ानून को अभी पारित नहीं किया गया है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप कर सकते हैं. आप हमें और पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

लाइक करें:-
कमेंट करें :-
 

संबंधित ख़बरें

वायरल वीडियो

और पढ़ें >>

मनोरंजन

और पढ़ें >>
और पढ़ें >>