मध्य प्रदेश: कई शहर पानी में डूबे, राहत के आसार नहीं

Jul 10, 2016

मध्य प्रदेश के ज़्यादातर ज़िलों में भारी बारिश की वजह से 12 लोगों की मौत हो गई है और मौसम विभाग के अनुसार रविवार को और बारिश होने की संभावना है.

प्रदेश के रायसेन, सिहोर, हरदा, होशंगाबाद, बैतूल और सागर जिलें में अभी भी तेज़ बारिश हो रही है.

भारी बारिश की वजह से नर्मदा, पार्वती, चंबल और केन जैसी नदियां उफान पर हैं.

राजधानी भोपाल में कम बारिश हुई है, लेकिन जितनी बारिश हुई है, वह 1973 के बाद सबसे अधिक है. भोपाल में बारिश की वजह से चार लोगों की मौत की ख़बर है.

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को भोपाल के बारिश प्रभावित इलाकों का दौरा किया और कहा कि लोगों की जान बचाना सरकार की पहली प्राथमिकता है.

बारिश के कारण कई शहरों का प्रदेश के बाकी हिस्से से संपर्क कट गया है. कई शहर पूरी तरह से पानी में डूबे हुए हैं. अभी तक पांच हजार लोगों को बचाकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है.

मंडला में पिछले 24 घंटों में 75 सेमी बारिश दर्ज हुई है. सिहोर शहर में पानी भर जाने की वजह से नाव चलानी पड़ी और फंसे हुए लोगों को बहुत मुश्किल से निकाला गया.

मालवा को छोड़कर प्रदेश के बाकी हिस्से में भारी बारिश हो रही है.

प्रदेश सरकार ने सभी 51 ज़िलों में कंट्रोल रूम बनाए हैं, जो 24 घंटे काम कर रहे हैं. मुख्यमंत्री ने जिले के कलेक्टरों को हालात पर जल्द से जल्द काबू पाने के निर्देश दिए हैं.

बुंदेलखंड क्षेत्र के पांच जिलों- सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, पन्ना, और दमोह में हालात ऐसे ही हैं, जैसे बीते तीन दिनों में यहां बादल फट रहे हों.

वहां तीन दिनों में औसतन 300 मिलीमीटर से ज़्यादा बारिश दर्ज की गई है. ये वो इलाके हैं जो पिछले हफ्ते तक सूखे का सामना कर रहे थे और अब हालात ये है कि लोग बारिश से बेहाल हैं.

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