फ़ालुजा से भाग रहे लोगों को मार रहे हैं आईएस लड़ाके

Jun 06, 2016

ख़ुद को इस्लामिक स्टेट (आईएस) कहने वाले चरमपंथी संगठन के लड़ाके इराक़ के फ़ालुजा से भाग रहे लोगों को गोली मार रहे हैं.

नार्वे रिफ़्यूजी काउंसिल (एनआरसी) ने बताया कि फ़ालुजा से भाग रहे परिवारों से बातचीत के बाद पता चला है कि जैसे ही लोगों ने फ़रात नदी को पार करने की कोशिश की आईएस के लड़ाकों ने उन्हें गोली मार दी.

फ़ालुजा के क़रीब शरणार्थी कैंप चला रही एनआरसी ने बताया कि अब शहर में 50,000 लोग ही बचे है. जबकि 2014 तक इस शहर की आबादी तीन लाख से अधिक थी.

इराक़ की सेना ने फ़ालुजा शहर पर दोबारा क़ब्ज़ा करने के लिए पिछले महीने लड़ाई शुरू की थी.

फ़ालुजा बग़दाद के पश्चिम से सिर्फ़ 50 किलोमीटर की दूरी पर है और यह 2014 से आईएस के क़ब्ज़े में है. यह इराक़ में आइएस के क़ब्ज़े वाले दो गढ़ों में से एक है.

फ़ालुजा को ‘मस्जिदों का शहर’ कहते हैं. इस शहर में दो सौ से अधिक मस्जिदें हैं.

इराक़ में एनआरसी के निदेशक नसर मुफ़लाही ने एक बयान जारी कर कहा, ”हमारी सबसे बड़ी आशंका यह है कि अपनी सुरक्षा के लिए शहर छोड़ रहे नागरिकों को अब चरमपंथी सीधे तौर पर निशाना बना रहे हैं.”

रविवार को इराक़ की सेना ने कहा कि उन्होंने फ़ालुजा को लगभग सभी तरफ़ से घेर लिया है और अब केवल फ़रात नदी का पश्चिमी इलाक़ा उनके नियंत्रण से बाहर है.

समाचार एजेंसी एपी की रिपोर्ट के अनुसार अमरीकी हवाई हमले की मदद से इराक़ी सेना ने नेमियाह ज़िले पर क़ब्ज़ा कर लिया है.

इराक़ के प्रधानमंत्री हैदर-अल-आब्दी ने कहा कि फ़ालुजा के निर्दोष लोगों की सुरक्षा को देखते हुए इराक़ी सेना ने अपने हमले को धीमा कर दिया है.

इराक़ी अधिकारियों का कहना है कि जैसे-जैसे सैनिक चरमपंथियों को शहर के केंद्र की ओर धकेल रहे हैं वे कड़ा विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.

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