बेड़ियों से आज़ाद होंगी बिरसा मुंडा की मूर्तियां

Jun 02, 2016

आज़ादी के लगभग सात दशक बाद अब बिरसा मुंडा की मूर्तियां बेड़ियों से आज़ाद होंगी. झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने बुधवार को इस आशय के आदेश पर दस्तख़त किए हैं.

राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू के आग्रह पर मुख्यमंत्री ने यह फैसला लिया है. बिरसा मुंडा को आदिवासी अपना भगवान मानते हैं और उनकी पूजा की जाती है.

उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ़ आदिवासियों की बड़ी टुकड़ी का नेतृत्व किया था. झारखंड के इतिहास में इसे उलगुलान कहा जाता है.

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा है कि बेड़ियों में जकड़ी बिरसा की प्रतिमा अंग्रेज़ी दासता की प्रतीक है. इससे युवा पीढ़ी की मनोभावना पर गलत असर पड़ता है. इसलिए बेड़ियों में जकड़ी तस्वीर और प्रतिमाएं तत्काल प्रभाव से हटा दी जाएं.

मुख्यमंत्री के इस आदेश के बाद पर्यटन, कला संस्कृति, खेलकूद और युवा कार्य विभाग ने इससे संबंधित संकल्प जारी किया है.

विभाग के निदेशक अनिल कुमार सिंह ने बीबीसी के बताया कि 15 मई को एक बैठक के दौरान राज्यपाल ने मुख्यमंत्री से यह आग्रह किया था.

उन्होंने बताया कि राज्य में लगी भगवान बिरसा की बेड़ियों वाली प्रतिमाएं और तस्वीरें हटा ली जाएंगी. उनकी जगह बिना बेड़ियों वाली तस्वीरें और प्रतिमाएं लगाई जाएंगी.

इसके लिए सभी जिलों के उपायुक्तों को मेल कर दिया गया है. इस संबंधित आदेश का मेल सरकार के सभी विभागों को भी भेजा गया है.

यह पूछे जाने पर कि मूर्तियों और तस्वीरों को बदलने का खर्च कौन उठाएगा, अनिल कुमार सिंह ने बताया कि जिस विभाग या उपक्रम ने ऐसी मूर्तियां या तस्वीरें लगाई हैं, वही विभाग इसका खर्च भी उठाएंगे.

झारखंड के पूर्व गृह सचिव और ट्राइबल एडवाइजरी काउंसिल के सदस्य जेबी तुबिद ने बीबीसी से कहा कि यह सरकार का बेहतर निर्णय है. इससे युवाओं में अच्छा संदेश जाएगा.

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