सीरियाई सैन्यअड्डों पर अमेरिकी हमले में 15 की मौत, रूस भी भड़का

Apr 07, 2017
सीरियाई सैन्यअड्डों पर अमेरिकी हमले में 15 की मौत, रूस भी भड़का

अमेरिका ने सीरिया में रासायनिक हमले पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए 59 टॉमहॉक मिसाइलें दागी हैं, जिस पर सीरिया और रूस ने कड़ा विरोध जताया है। समाचार रपटों के मुताबिक, अमेरिकी के इस हवाई हमले से गुरुवार रात छह सीरियाई सैनिकों और नौ नागरिकों की मौत हो गई थी और होम्स प्रांत के शेरत सैन्यअड्डे को भारी क्षति पहुंची है।

सीरिया ने इस मिसाइल हमले को अमेरिकी आक्रमण बताया है और रूस और ईरान से इस मुद्दे पर चर्चा की है।

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि ये हमले एक संप्रभु देश पर आक्रमण और अंतर्राष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन है। रूस ने अमेरिका को चेताते हुए कहा कि इससे रूस के साथ उसके संबंध खराब होंगे।

इन हमलों के कुछ ही घंटों के भीतर रूस ने सीरिया के आसमान में टकराव रोकने से संबंधित अमेरिका के साथ हुए एक समझौते को रद्द कर दिया।

रूस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से सीरिया की स्थिति पर चर्चा के लिए एक आपातकाल बैठक बुलाने का आग्रह किया है।

सीरिया की असद सरकार के खिलाफ यह अमेरिका द्वारा किया गया पहला प्रत्यक्ष सैन्य हमला है।

ट्रंप ने फ्लोरिडा में संवाददाताओं से कहा कि सीरिया ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के आग्रहों को दरकिनार किया है।

अमेरिका सीरिया में रासायनिक हमलों के लिए असद सरकार को जिम्मेदार ठहरा रहा है। इन हमलों में 70 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी।

रूस के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि अमेरिका के युद्धक विमानों से दागी गई 59 मिसाइलों में से सिर्फ 23 ही सही निशाने पर लगीं।

अमेरिका का कहना है कि उसने मिसाइल दागने से पहले रूस और तुर्की को सूचित कर दिया था।

रूस के राष्ट्रपति के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि उम्मीद है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद अमेरिकी हमले की निंदा करेगा।

रूसी संघ परिषद की रक्षा और सुरक्षा संबंधित समिति के अध्यक्ष विक्टर ओजेरोव ने शुक्रवार को कहा कि सीरिया में अमेरिकी हमला संयुक्त राष्ट्र के एक सदस्य के खिलाफ आक्रमण की कार्रवाई है।

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