12 मुस्लिमो को आतंकी बता कर गिरफ्तार करके सरकार से ध्यान हटाने की कोशिश कर रही है मोदी सरकार: रिहाई मंच

May 05, 2016

लखनऊ । रिहाई मंच ने खुफिया विभाग और दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल द्वारा दिल्ली और सहारनपुर से 12 मुस्लिम युवकों को आतंकी बता कर गिरफ्तार दिखाने को हर मोर्चे पर विफल हो चुकी मोदी सरकार की ध्यान बंटाने वाली साम्प्रदायिक कार्रवाई बताया है। मंच ने कहा है कि भारत को एक असहिष्णु देश में तब्दील कर के पूरी दुनिया में भारत की छवि खराब करने के लिए संघ परिवार और मोदी को देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए।

रिहाई मंच द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में मंच के अध्यक्ष एडवोकेट मोहम्मद शुऐब ने खुफिया विभाग और दिल्ली स्पेशल सेल पर संघ परिवार के आनु्षांगिक संगठन के बतौर काम करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि जब भी मोदी या संघ परिवार को जरूरत पड़ती है ये उनके लिए मुस्लिम लड़कों को आतंकी बता कर पेश कर देती हैं या अक्षरधाम मंदिर और समझौता एक्सप्रेस से लेकर मोदी की रैली तक में बम विस्फोट करा देती हैं।

उन्होंने कहा कि सहारनपुर के देवबंद से 4 और दिल्ली के गोकुलपुरी इलाके से 8 मुस्लिम नौजवानों की गिरफ्तारी भी संघ परिवार की इसी जरूरत के मुताबिक की गई है ताकि अगले साल होने वाले विधान सभा चुनाव में साम्प्रदायिक आधार पर हिंदुओं का वोट लिया जा सके और अमरीकी संस्था द्वारा भारत में अल्पसंख्यकों पर बढ़ती हिंसा के आरोप से घिरे संघ और मोदी पर उठने वाले सवालों को दबाया जा सके।

उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से अपील की है कि वह आतंकवाद के आरोपों में पकड़े गए बेगुनाह मुस्लिम युवकों के दशकों जेल में रहने के बाद बरी होने के मामलों को स्वतः संज्ञान लेते हुए साम्प्रदयिक आधार पर मुसलमानों की होने वाली ऐसी गिरफ्तारियों पर उच्च स्तरीय जांच आयोग गठित करे और दोषी खुफिया और सुरक्षा अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करे।

वहीं पे्रस विज्ञप्ति में मंच के महासचिव राजीव यादव ने कहा है कि मुख्यमंत्री अखिलेष यादव ने आतंकवाद के नाम पर कैद बेगुनाह मुस्लिम युवकों को छोड़ने का वादा तो पूरा नहीं किया उल्टे ऐसी और गिरफ्तारियों के लिए खुफिया एजेंसियों और दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल को खुली छूट दे दी है।

उन्होंने कहा कि अगर सपा ने अपना वादा पूरा किया होता तो ये बेगुनाह बच्चे सहारनपुर से नहीं पकड़े जाते। लेकिन सपा सरकार ने ऐसा नहीं किया क्योंकि उसे संघ परिवार के एजेंडे को ही लागू करना था। राजीव यादव ने कहा कि मोदी और भाजपा को साम्प्रदायिक बताने वाले कथित सेक्यूलर दलों को आतंकवाद के नाम पर हो रही बेगुनाहों की गिरफ्तारियों पर भी अपना पक्ष रखना चाहिए क्योंकि ये नहीं हो सकता कि आप सेक्यूलर भी बने रहें और बेगुनाहों की साम्प्रदायिक आधार पर होने वाली गिरफ्तारियों पर चुप भी रहें।

उन्होंने कहा कि अब पुराने पैमाने की सेक्यूलर राजनीति नहीं चलने दी जाएगी जहां सिर्फ मुसलमानों को संघ परिवार का डर दिखा कर वोट ले लिया जाता था। अब कथित सेक्यूलर दलों को यह बताना पड़ेगा कि वे संघ और भाजपा से किस तरह अलग हैं।

उन्होंने कहा कि संघ और भाजपा मुक्त भारत के निमार्ण के किसी भी आंदोलन या पैरोकार को इन गिरफ्तारियों के लिए संघ और साम्प्रदायिक खुफिया-सुरक्षा एजेंसियों को कटघरे में खड़ा करना पहली शर्त है क्योंकि साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण कराने के ये ऐसा नया तरीका है जिस पर सेक्यूलर दल भी हिंदू वोट बैंक के लालच में चुप हो जाते हैं।

अमरीकी सरकारी संस्था की रिपोर्ट जिसमें भारत में धार्मिक असहिष्णुता बढ़ने की बात कहने के साथ ही भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और भाजपा सांसदों योगी आदित्यनाथ और साक्षी महाराज का जिक्र असहिष्णुता फैलाने वालों के बतौर किया गया है पर राजीव यादव ने कहा है कि यह रिर्पोट अभी अधूरी जानकारियों के आधार पर बनी है क्योंकि उस संस्था के सदस्यों को भारत आकर जानकारी इकठ्ठा करने ही नहीं दिया गया।

उन्होंने कहा कि इस रिपोर्ट पर भारतीय विदेश मंत्रालय का यहा कहना कि अमरीकी संस्था ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि उसे भारतीय समाज की जानकारी नहीं है बिल्कुल सही है क्योंकि यहां कि स्थिति उससे कहीं अधिक बदतर है जितनी की रिपोर्ट में बताई गई है।

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